राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। बीकानेर के पीबीएम की नई मेडिसीन विंग में मरीज की मौत को लेकर नई जानकारी सामने आयी है। जानकारी निकल सामने आयी है कि मरीज को कागजों में तो बेड़ दे दिया गया था लेकिन असल में उसे बेड़ नहीं मिला था। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान मोत हो गयी। जानकारी के अनुसार मरीज राधेश्याम को कागजों में बेड अलॉट कर दिया गया था, लेकिन भर्ती होने के बाद करीब 17 घंटे तक उसे अपना असली बेड नसीब नहीं हुआ। उसे बेड के पास ही अटेंडेंट (तीमारदार) के बेड पर लेटना पड़ा।
श्रीडूंगरगढ़ के पूनरासर निवासी राधेश्याम की मौत के मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बीसी घीया को सौंप दी गई है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के आदेश पर अधीक्षक डॉ. घीया ने मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. परमेंद्र सिरोही, डॉ. रोहिताश्व कुलरिया, डॉ. मनोज माली और एक मेडिकल ज्यूरिस्ट की चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
उधर, अधीक्षक डॉ. घीया ने बुधवार को खुद नई मेडिसिन विंग का जायजा लेकर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।नई मेडिसिन विंग में बेड की मारामारी को नियंत्रित करने के लिए एचओडी डॉ. परमेंद्र सिरोही ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें सभी यूनिट हेड्स को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया गया है।


