राजस्थान 1st न्यूज,नेटवर्क। दुनियाभर में एक अजीब तरह का सन्नाटा देखा जा रहा है। लगातार सोशल मीडिया पर भी बड़े वार को लेकर बातें कहीं जा रही है। अमेरिका और इजराइल में चुनाव के बाद अब ट्रंप और नेतन्याहू की भी आने वाले दिनों में मुसीबते बढ़ सकती है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद अब राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी शुरू हो गई है।
इसके जरिए उन्हें पद से हटाया जा सकता है। खबरों के मुताबिक डेमोक्रेट्स आरोप लगा रहे हैं कि ट्रम्प ने अपने पद का इस्तेमाल कर अपने करीबियों को फायदा पहुंचाया और संपत्ति जुटाई। इससे आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा है कि वे यह पता लगाएंगे राष्ट्रपति रहते हुए ट्रम्प और उनके परिवार की संपत्ति कैसे बढ़ी। गार्सिया ने जांच के लिए पांच मुद्दे तय किए हैं। इनमें ट्रम्प परिवार के कारोबारी सौदे, जेफ्री एपस्टीन मामले की जांच में ट्रम्प प्रशासन की भूमिका और अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी की छापेमारी और कार्रवाई शामिल हैं।
वहीं दूसरी तरफ इजराइल में भी अब तेजी से स्थितियां बदल रही है। कुछ दिनों पूर्व तक नेतन्याहू के लिए बिसात बिछाई जा रही थी। इजराइल में पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के साथ दो दिन की बातचीत के बाद 11 सांसदों वाली अरब पार्टियों की जाइंट लिस्ट ने उन्हें सरकार के बाहर से समर्थन दिया है। इससे उनके पास 67 सांसदों का समर्थन हासिल हो गया है, जो बहुमत से 6 ज्यादा है।
वहीं, मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में अब सिर्फ 46 सांसद रह गए हैं। नेतन्याहू की पुरानी सहयोगी अति-रूढि़वादी पार्टी यूनाइटेड टोरा जूडिज्म ने उनका समर्थन करने से इनकार कर दिया है। दरअसल, 27 अक्टूबर को हुए चुनाव में किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला था। अरब पार्टियों के समर्थन से आइजेनकोट को सरकार बनाने का पहला मौका मिलने की संभावना मजबूत हुई है।


