राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। बीकानेर में आज दुखद खबर सामने आयी है। पूर्व विधायक और वर्षो तक बीकानेर की आवाम के लिए सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लडऩे वाले वरिष्ठ अधिवक्ता रामकृष्ण दास गुप्ता (आर.के.दास) का निधन हो गया। जैसे ही उनके निधन की खबर सामने आयी तो बीकानेर के प्रबुद्धजनों, अधिवक्ता समूदाय के साथ जनप्रतिनियों में शोक की लहर दोड़ गयी। खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने उनके निधन पर शोक जताया है। आर.के.दास गुप्ता के निधन के बाद उनके सार्दुल कॉलेानी आवास पर लोग पहुंचना शुरू हो चुके है। गुप्ता की अंतिम यात्रा शाम साढ़े चार बजे निवास स्थान से परदेशियों की बगेची जाएगी। जहां पर उनकी अंत्येष्टि की जाएगी।
वकीलों के भीष्मपितामाह माने जाते थे स्व. गुप्ता
स्व. गुप्ता के निधन पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित नेे दुखी मन से कहा कि हमारे बीच से एक ऐसा इंसान चला गया है जिसकी पूर्ति बीकानेर के अधिवक्ताओं को हमेशा खलेगी। पुरोहित ने कहा कि बीकानेर के वकीलों के भीष्मपितामाह थे स्व. गुप्ता जिनकी जगह कोई नहीं ले पाएगा। पुरोहित ने बताया कि आरके दास जी बीते लंबे समय से कीडनी की बीमारी से ग्रस्ति थे और बीते कुछ समय में तो अत्यधिक परेशानी होने के बावजूद भी पैरवी के लिए न्यायालय आते थे। पुरोहित ने बताया कि बीते कुछ दिनों से तो एक सप्ताह में तीन बार डायलिसिस हो रही थी। जिसके बावजूद भी दो दिनों पूर्व जोधपुर न्यायालय जाकर पैरवी करके लौटे थे। पुरोहित ने कहा कि स्व. गुप्ता आठ बार बीकानेर बार के अध्यक्ष रहें ओर बार कोङ्क्षसल के चेयरमेन भी रहें।
विधायक से लेकर सड़कों तक सघंर्ष
स्व. आर.के.दास गुप्ता बीकानेर की राजनीति में भी अपनी गहरी पकड़ रखते थे। वर्ष 1977 में गुप्ता कोलायत सीट से विधायक रहें। जनता पार्टी का दामन थामा और जब पार्टी अपनी राह से भटकने लगी तो गुप्ता ही थे जिन्होने सबसे पहले पार्टी छोड़ी। स्व. आरके दास गुप्ता ने बीकानेर की आम आवाम के लिए भी सड़कों से लेकर न्यायालय तक जोरदोर पैरवी की। बीकानेर शहर के बीच से गुजरने वाली टे्रन को हटाकर बाईपास बनाने की मांग को लेकर गुप्ता ने लंबा सघंर्ष किया। इस दौरान कई बार ट्रेन रोको आंदोलन जैसे भी कार्यक्रम हुए। इस दौरान गुप्ता कभी भी हताश नहीं हुए और उत्साह के साथ सघंर्ष करते रहें। बीकानेर न्यायायल में हाईकोर्ट की बेंच की मांग को लेकर भी अन्य वकीलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर गुप्ता हमेशा खड़े रहें।


