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राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। श्री राम मंदिर पट्टी पेड़ा रानी बाजार में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस पर कथा वाचक ज्योतिषचार्य चैतन्य अमित भारद्वाज ने श्री राम मंदिर प्रांगण में सुदामा चरित्र और भगवान श्री कृष्ण की वचन की दोस्ती का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि सुदामा चरित्र हमें जीवन में आई कठिनाईयों का सामना करने की सीख देते हैं, सुदामा ने भगवान के पास होते हुए अपने लिए कुछ नहीं मांगा अर्थात निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता है। पंडित अमित ने कहा कि भगवान के बताएं उपदेशों, उच्च आदर्शों को जीवन में ढालने से मानव जीवन जीने का उद्देश्य सफल हो जाता है। सुदामा चरित्र की प्रसंग में कहां की अपने मित्र का विपरीत परिस्थितियों में साथ निभाना ही सच्ची मित्रता है। मित्रता में गरीबी और अमीरी नहीं देखनी चाहिए मित्र एक दूसरे का पूरक होता है।
भगवान कृष्ण ने अपने बचपन के लिए सुदामा की गरीबी को देखकर रोते हुए अपने राज सिंहासन पर बैठाया और उन्हें उलाहना दिया कि जब गरीबी में रह रहे थे अपने मित्र को पास तो आ सकते थे लेकिन सुदामा ने मित्रता का सर्वोपरि मानते हुए श्री कृष्ण से कुछ नहीं मांगा। कथा में आए सभी यजमानों ने भागवत जी की आरती की। सुदामा बने राजकुमार भाटिया ने कहा जीव जगत की जाल में, जीना सबका विचित्र। सबका स्नेह मिलता रहे मैं कृष्ण सुदामा मित्र।।

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