राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्राथमिकता वाले परिवार श्रेणी से अंत्योदय अन्न योजना में नियम विरुद्ध किए गए राशन कार्डों के श्रेणी परिवर्तन के मामलों को लेकर जिला रसद विभाग द्वारा जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। जिला रसद अधिकारी नरेश शर्मा ने बताया कि प्रवर्तन स्टाफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिले में कुल 23 राशन कार्डों को नियम विरुद्ध परिवर्तित किए जाने के प्रकरण सामने आए हैं। इनमें लूणकरणसर तहसील के 6, कोलायत के 3, पूगल के 3, पांचू के 1 तथा नोखा के 10 राशन कार्ड शामिल हैं।
जिला रसद अधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को जारी निर्देशों में बताया गया है कि श्रेणी परिवर्तन के लिए ई-मित्र के माध्यम से किए गए आवेदनों की जांच में कई मामलों में आवेदन पत्र के साथ अंत्योदय चयन संबंधी आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं किए गए अथवा आवेदन पत्र अपूर्ण पाया गया। वहीं कुछ प्रकरणों में सदस्य का नाम जोडऩे, नाम परिवर्तन, नाम हटाने अथवा अन्य संशोधन के आवेदन के साथ ही राशन कार्ड की श्रेणी भी परिवर्तित कर दी गई।
जांच में इन श्रेणी परिवर्तनों में संबंधित ई-मित्र संचालकों की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई है। विभाग द्वारा संबंधित राशन कार्डों एवं ई-मित्र आईडी का विवरण संलग्न कर प्रकरणों की विस्तृत जांच तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इन क्षेत्रों के मामले जांच में आए सामने
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि लूणकरणसर से संबंधित रिपोर्ट में 6 राशन कार्डों की जांच की गई, जबकि नोखा तहसील में 10 तथा पांचू में 1 राशन कार्ड के क्क॥॥ से ्र्रङ्घ श्रेणी में परिवर्तन का मामला पाया गया। इसी प्रकार छत्तरगढ़ क्षेत्र में 3 राशन कार्डों के संबंध में भी अलग से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है।
जिला रसद अधिकारी ने संबंधित विकास अधिकारियों, प्रवर्तन अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को प्रकरणों की विस्तृत जांच कर नियम विरुद्ध किए गए श्रेणी परिवर्तनों को दुरुस्त करने तथा नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी अथवा ई-मित्र संचालक के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई से विभाग को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों की श्रेणी में परिवर्तन निर्धारित प्रक्रिया एवं पात्रता के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


