राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। मिडिल ईस्ट में करीब चार महीने तक चले तनाव के बाद बीते दिनों शिखर सम्मेलन में अमेरिका-ईरान के बीच समझौता हो गया। समझौते के बाद होर्मुज को खोल दिया गया और कई जहाज गुजरे भी है लेकिन बीते 24 घंटे में जिस प्रकार से लेबनान पर इजराइल के हमले किए जा रहे है।
इसके चलते दोनो देशों के बीच हुए समझौता संकट में पड़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि फिलहाल अमेरिका और ईरान खुलकर इस पर कुछ नहीं बोल रहे है। समझौते के बाद भी इजराइल लगातार हमले कर रहा है। खबरें निकलकर आ रही है कि ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने सरकारी टीवी पर ऐलान करते हुए कहा कि इसकी वजह लेबनान में हो रहे इजराइली हमले हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून की रात शांति समझौते पर दस्तखत हुए थे।
इसमें होर्मुज को खोलने और लेबनान में हमले बंद करने की शर्तें थीं। पीस डील पर साइन के बाद भी इजराइल ने लेबनान में हमले जारी रखे थे। इसके बाद ट्रम्प की पहल पर 19 जून की रात इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर का ऐलान हुआ था। हालांकि सीजफायर के ऐलान के 8 घंटे बाद ही इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष शुरू हो गया।
अल जजीरा के मुताबिक, इजराइली सेना ने ड्रोन और तोपों से नबाहितए इलाके में हमला किया जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल गाजा और लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा। अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली पहली औपचारिक वार्ता टाल दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में लगातार इजराइली हमलों को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं।


