राजस्थान 1st न्यूज,नेटवर्क। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा हे। ऐसे में कथित रूप से पाकिस्तान के द्वारा करवाया गया समझौता अब हवा होता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान लगातार एक-दूसरे पर पलटवार करते हुए हमले कर रहे है। दोनेा ही देश किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं है। ऐसे में दुनियाभर में ङ्क्षचता तो है ही लेकिन आने वाले में यह संकट भी बन सकती है। क्योंकिे होर्मुज पर दोनो देश अपने-अपने दावे कर रहे है। जिसके चलते होर्मुज से अब वाहनों का निकलना बंद सा हो गया है जो कि दुनियाभर के लिए ङ्क्षचता का विषय है। अगर फिर से होर्मुज पुरी तरीके से बंद हुआ तो पुरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर संकट आ सकता है। ऐसे में कई देश अमेरिका-ईरान को वार रोकने की सलाह भी दे रहे हैं।
इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच अब समुद्र के खारे पानी को साफ करने वाले प्लांट्स को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में हवाई हमला कर बोंजी डिसैलिनेशन (वाटर) प्लांट को तबाह कर दिया। इस हमले के बाद 20 गांवों के करीब 10 हजार लोगों की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। वहीं कुवैत ने कहा कि ईरान ने लगातार दूसरे दिन उसके पानी के प्लांट को निशान बनाया है। कुवैत में पीने का लगभग 90 प्रतिशत खारे पानी को मीठी बनाने की प्रक्रिया (डिसैलिनेशन) से मिलता है। कुवैत की तरफ से कहा गया है कि इसमें किसी भी तरह की रुकावट रेगिस्तान वाले छोटे से देश में जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
मुजतबा खामेनेई के ऑफिस ने घोषणा की है कि दिवंगत अली खामेनेई को दी गई ऐतिहासिक विदाई पर इस्लामिक रिवोल्यूशन के नए सुप्रीम लीडर का संदेश जल्द जारी किया जाएगा कुवैत के विदेश मंत्री ने अपने देश पर लगातार हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई और उम्मीद व्यक्त की कि सभी पक्ष संयम बरतेंगे तथा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन को पूरी तरह लागू करेंगे। ऐसे में संकट के बादल कब हटेंगे इस पर कुछ भी कहना फिलहाल जल्दबाजी होगा।


