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राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। अद्धवार्षिक परीक्षा को लेकर निजी स्कूल संचालक व शिक्षा विभाग आमने-सामने है। अद्र्धवार्षिक परीक्षा शुल्क बढ़ाने को लेकर निजी स्कूलों के संचालकों ने विरोध किया है। संचालकों का कहना है कि पहले अर्द्धवार्षिक परीक्षा का शुल्क प्रति विद्यार्थी 6 रुपए लिया जा रहा था, अब विभाग ने प्रति विद्यार्थी 20 रुपए कर दिया है। जो पेपर 5 रुपए में छप जाए, उसके 20 रुपए लेकर विभाग भ्रष्टाचार कर रहा है।

 

स्कूल संचालकों ने बढ़ा शुल्क देने से इंकार कर दिया है। उधर, शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने शुल्क बढ़ोतरी को सही ठहराते हुए कहा कि शुल्क इतना ही है जितना तो लोग एक दिन में गुटखा खा जाते हैं। अगर वह एक दिन गुटखा नहीं खाए तो शुल्क का काम हो जाएगा। गौरतलब है कि इस बार विभाग अर्द्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा के पेपर राज्य स्तर पर तैयार करा रहा है। इसमें प्रति विद्यार्थी एक परीक्षा के लिए 20 रुपए का शुल्क तय किया गया है। यानी अगर कोई विद्यार्थी दोनों परीक्षा देता है तो उसका शुल्क 40 रुपए होगा। पिछले साल तक यह परीक्षा जिला स्तर पर होती थी। निजी स्कूल संचालक इसी बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं।

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