राजस्थान 1st न्यूज,नेटवर्क। देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा में केन्द्र की मोदी सरकार को बड़ा झटका मिला है। केन्द्र सरकार ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पेश किया। जिस पर करीब 21 घंटे की चर्चा हुई। चर्चा के बाद वोटिंग हुई। जिसमें केन्द्र सरकार को बिल पास करवाने के लिए 352 वोट की आवश्यकता था लेकिन बिल के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया।

इसके बाद परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 को सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है। 12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल के गिरने के बाद लगातार सोशल मीडिया देश के नेताओं ने प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने का पोस्ट किया। वहीं केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाम ने बिल गिरने पर जश्न मनाने को अचंभित करने वाला दृश्य बताया गया।




