जल्द नहीं सुधरे हालात तो भारत में गैस हो सकती है महंगी, युद्ध के चलते संकट-IranWar

IranWar राजस्थान 1st न्यूज,नेटवर्क। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच आज पांचवे दिन भी युद्ध जारी है। लगातार युद्ध के चलते हालात संकट की और ले जा रहे है। तीन देशों के बीच शुरू हुए इस हमले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान पडोसी देशों पर अमेरिकी एयरबेस पर हमले कर रहा है। मिडिल इस्ट के कई देशों पर यह पलटवार किए जा रहे हैं।

 

जिसके चलते हालात तेजी से बदल रहे है। मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस प्लांट का उत्पादन रोक चुका है।

 

इससे भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40 प्रतिशत तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40 प्रतिशत लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है। इसकी सप्लाई रुकने से सिटी गैस कंपनियों ( ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो सीएनजी और पीएनजी के दाम बढ़ सकते हैं।

 

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का लगभग बंद होना है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिससे होकर कतर और यूएई जैसे देश अपना तेल और गैस निर्यात करते हैं। ईरान और इजरायल जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। 28 फरवरी को इस रास्ते से 91 जहाज गुजरे थे, जो अब घटकर सिर्फ 26 रह गए हैं। भारत अपनी जरूरत का 50 प्रतिशत कच्चा तेल और 54 प्रतिशत एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है।

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