राजस्थान 1st न्यूज,नेटवर्र्क। पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर बैंक यूनियनों और वित्त मंत्रालय के बीच वार्ता विफल होने के बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल से व्यापारिक व वित्तीय गतिविधियों पर व्यापक असर पडऩे की आशंका है। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर होने वाली इस हड़ताल के चलते सितंबर माह की छमाही क्लोजिंग और कारोबारी लेन-देन सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। हड़ताल के कारण चेक क्लियरिंग प्रोसेसिंग सेंटर और शाखाओं का कामकाज रुकने से व्यापारियों के करोड़ों रुपये के भुगतान अटक सकते हैं।
पीएनबी प्रोग्रेसिव इंप्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन संजय त्रिवेदी और पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल सोनकर ने बताया कि 30 सितंबर को वित्तीय वर्ष की पहली छमाही समाप्त होती है। क्लोजिंग से ठीक पहले तीन दिन बैंक बंद रहने से खातों के ऑडिट, सरकारी व कॉरपोरेट टैक्स भुगतान और बैलेंस शीट फाइनल करने जैसे जरूरी काम लटक जाएंगे। हड़ताल के मद्देनजर सरकार व बैंक प्रबंधन ने ग्राहकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए हैं। जनता और व्यापारियों की सुविधा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक व सरकार ने 27 सितंबर को शाखाएं खोलने के निर्देश दिए हैं, ताकि हड़ताल से पहले जरूरी काम निपटाए जा सकें। बैंकों ने ग्राहकों को एसएमएस और ईमेल भेजकर शाखा जाने के बजाय नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआइ और एटीएम का उपयोग करने की सलाह दी है।


