राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। पुलिस का फर्जी वारंट दिखाकर डराने और बुजुर्ग से लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में 69 वर्षीय कपड़ा व्यापारी को मुंबई पुलिस और अदालत के फर्जी वारंट का खौफ दिखाकर डराया और 32 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने बुजुर्ग व्यापारी को कई दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा और उसकी जीवन भर की जमा पूंजी तुड़वाकर अपने खाते में आरटीजीएस करवा ली। साइबर ठगों ने अब सीधे-सादे नागरिकों को डराकर लूटने का खतरनाक हथियार ‘डिजिटल अरेस्ट बना लिया है। बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में ऐसा ही एक ओर मामला सामने आया है।
श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गाबास में वार्ड नंबर 21 निवासी 69 वर्षीय सुशील कुमार पेड़ीवाल कोलकाता में कपड़े का व्यापार करते हैं। वे 14 सितंबर को अपने पैतृक गांव श्रीडूंगरगढ़ आए हुए थे। 18 सितंबर को उनके व्हाट्सएप नंबर पर अज्ञात नंबर से मैसेज और कॉल आया। कॉलर ने रौबदार आवाज में कहा कि उनके नाम पर केनरा बैंक में एक बैंक खाता खुला हुआ है, जिससे करोड़ों रुपये का अवैध टर्नओवर हुआ है। ठगों ने व्यापारी पर मोबाइल नंबर के जरिए भारी वित्तीय धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया और उनके नाम से जारी मुंबई पुलिस के कथित जांच दस्तावेज और कोर्ट का अरेस्ट वारंट व्हाट्सएप पर भेज दिया।


