Client Ad 1 Client Ad 2 Client Ad 3 Client Ad 4 Client Ad 5

Client Ad 1 Client Ad 2 Client Ad 4 Client Ad 5 Client Ad 5 Client Ad 5 Client Ad 5 Client Ad 5 Client Ad 5

राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। पंचायती राज आम चुनाव-2026 के तहत जिले में विभिन्न चरणों में होने वाले मतदान के दौरान संबंधित पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रथम चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 22 अक्टूबर (गुरुवार) तथा सरपंच एवं पंच पदों के लिए 24 अक्टूबर (शनिवार) को मतदान होने पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इसी प्रकार, द्वितीय चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 28 अक्टूबर (बुधवार) तथा सरपंच एवं पंच पदों के लिए 30 अक्टूबर (शुक्रवार) को मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

 

तृतीय चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 3 नवंबर (मंगलवार) तथा सरपंच एवं पंच पदों के लिए 5 नवंबर (गुरुवार) को मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा। वहीं, चतुर्थ चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 14 नवंबर (शनिवार) तथा सरपंच एवं पंच पदों के लिए 16 नवंबर (सोमवार) को मतदान के दिन संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उक्त आदेश सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत जारी किए गए हैं। उक्त आदेश जिले की संबंधित पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन क्षेत्र के अलावा अन्य स्थानों पर लागू नहीं होगा।

 

पंचायत चुनाव: पांच पंचायत समितियों में दूसरे चरण का नामांकन समाप्त, अंतिम दिन पंचायत राज आम चुनाव-2026 के तहत द्वितीय चरण की पांच पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया शुक्रवार को सम्पन्न हुई। अंतिम दिन तक बज्जू खालसा में 76 अभ्यर्थियों ने 80, बीठनोक में 65 अभ्यर्थियों ने ने 68, बीकानेर में 122 अभ्यर्थियों ने 144, हदां में 64 अभ्यार्थियों ने 69 और कोलायत में 68 अभ्यर्थियों ने 69 नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए।
शुक्रवार को बज्जू खालसा में 63 अभ्यर्थियों ने 67, बीठनोक में 57 अभ्यर्थियों ने 60, बीकानेर में 81 अभ्यर्थियों ने 96, हदां में 59 अभ्यर्थियों ने 64 तथा कोलायत में 62 अभ्यर्थियों ने 63 नामांकन पत्र प्रस्तुत किए।

 

गुरुवार तक बज्जू खालसा में 13 अभ्यर्थियों ने 13 नाम निर्देशन पत्र, बीठनोक में 5 अभ्यर्थियों ने 5 नाम निर्देशन पत्र, बीकानेर में 33 अभ्यर्थियों ने 39 नाम निर्देशन पत्र, हदां में 5 अभ्यर्थियों ने 5 नाम निर्देशन पत्र तथा कोलायत में 6 अभ्यर्थियों ने 6 नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए गए। प्राप्त नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 17 अक्टूबर (शनिवार) को प्रात: 11 बजे से की जाएगी। नाम वापसी 19 अक्टूबर (सोमवार) को दोपहर 3 बजे तक होगी।

 

पंचायत चुनाव: मतदान के दिन वेतन के साथ देना होगा अवकाश भी अन्यथा होगी कार्रवाई
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के मद्देनजर बीकानेर जिले के समस्त व्यापारिक, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कारखानों, दुकानों, होटलों तथा अन्य संस्थानों के नियोजकों एवं प्रबंधकों को मतदान दिवस पर श्रमिकों एवं कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रम आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135(ख) तथा राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 22 के प्रावधानों के तहत निर्वाचन में मतदान के पात्र प्रत्येक कर्मचारी एवं श्रमिक को मतदान दिवस पर सवैतनिक अवकाश दिया जाना आवश्यक है। यह प्रावधान औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ आकस्मिक श्रमिकों पर भी लागू होगा।

आदेशानुसार मतदान के दिन कर्मचारियों को अवकाश देने के कारण उनके वेतन या मजदूरी में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकेगी। यदि किसी कर्मचारी को सामान्यत: उस दिन कार्य करने के कारण मजदूरी प्राप्त होती, तो अवकाश दिए जाने की स्थिति में भी उसे नियमानुसार उस दिन की मजदूरी देय होगी।

 

नियमों का उल्लंघन करने पर 500 रुपए तक का जुर्माना
मतदान दिवस पर कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश प्रदान करने संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले नियोजकों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित प्रावधान के तहत 500 रुपए तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत जैन ने जिले के सभी संबंधित नियोजिकों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वह निर्वाचन संबंधी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें तथा सभी पात्र कर्मचारियों को मतदान के दिन अवकाश प्रदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी स्वतंत्रता एवं निष्पक्ष भागीदारी सुनिश्चित करें। यदि कोई नियोजक मतदान दिवस पर कर्मचारी को मतदान के अधिकार का उपयोग करने के लिए अवकाश प्रदान नहीं करता है, तो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन अधिकारी को तथ्यात्मक जानकारी देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Rajasthan1st News से आप यहाँ भी जुड़ें !

संबंधित खबरें
🏏 लाइव क्रिकेट स्कोर LIVE
error: Content is protected !!