राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। भरण-पोषाण के मामले में न्यायालय ने अवहेलना के चलते अहम फैसला सुनाया है। पारिवारिक न्यायालय संख्या-1, बीकानेर के न्यायाधीश डॉ. सत्यपाल वर्मा ने भरण-पोषण के आदेश की लगातार अवहेलना एवं न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए प्रार्थिया के पति महादेव सोलंकी का पासपोर्ट जब्त करने के लिए पासपोर्ट प्राधिकरण, जयपुर को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायालय के समक्ष लंबित मु.फौ. प्रकरण संख्या 782/2025, सीआईएस संख्या 1148/2025, शालू बनाम महादेव सोलंकी में पत्नी की ओर से भरण-पोषण की बकाया राशि 5,11,500/- दिलाए जाने के लिए कार्यवाही की जा रही है। आदेश के अनुसार पति के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद वह जानबूझकर न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा था। न्यायालय ने पूर्व में ई-मेल एवं सामान्य डाक से भी समन/वारंट की तामील करवाई थी।
न्यायालय ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 10(3)(द्ध) तथा संबंधित न्यायिक दृष्टांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि पासपोर्ट धारक के विरुद्ध न्यायालय द्वारा समन अथवा गिरफ्तारी वारंट जारी होने की स्थिति में सक्षम पासपोर्ट प्राधिकारी पासपोर्ट को जब्त कर सकता है। फलस्वरूप न्यायालय ने पासपोर्ट संख्या 9064857 के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, जयपुर को दिए हैं। मामले में पत्नी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनीता दीक्षित एवं अधिवक्ता विजय दीक्षित ने प्रभावी पैरवी की।


