राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। श्री कपिल मुनि की तपोभूमि श्रीकोलायत को धार्मिक एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा। क्षेत्रीय विधायक अंशुमान सिंह भाटी के लंबे समय से किए जा रहे प्रयास अब धरातल पर उतरने लगे हैं। कपिल मुनि सरोवर परिसर में प्रस्तावित भव्य कपिल मुनि पैनोरमा के निर्माण कार्य की शुरुआत बुधवार को कर दी गई। निर्माण की शुरुआत सरोवर परिसर स्थित विश्राम गृह से हुई।
कपिल मुनि पैनोरमा को लेकर विधायक अंशुमान सिंह भाटी लंबे समय से राज्य स्तर पर लगातार प्रयासरत रहे हैं। विधायक भाटी का प्रयास रहा है कि कपिल मुनि की तपोस्थली श्रीकोलायत की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भव्य स्वरूप प्रदान कर देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। अब निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही उम्मीदों को भी नई गति मिली है।
राज्य स्तर पर लगातार प्रयासों का परिणाम – विधायक भाटी ने कपिल मुनि पैनोरमा को श्रीकोलायत के विकास की महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में आगे बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर लगातार पैरवी की। उनका उद्देश्य रहा कि कपिल मुनि की तपोभूमि को केवल धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाए।
पैनोरमा का निर्माण पूरा होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कपिल मुनि, उनकी तपोभूमि श्रीकोलायत तथा क्षेत्र की धार्मिक एवं ऐतिहासिक परंपराओं को अधिक व्यापक और व्यवस्थित रूप से जानने-समझने का अवसर मिलेगा।
राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ने किया था स्थल निरीक्षण – पैनोरमा निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने श्रीकोलायत पहुंचकर प्रस्तावित पैनोरमा स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया था। उन्होंने तहसील परिसर सहित संबंधित स्थानों का मौका मुआयना किया तथा पटवारी एवं गिरदावर से स्थल की नाप करवाकर मौके की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए थे। इससे परियोजना की तैयारियों को गति मिली और स्थल से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने विधायक अंशुमान सिंह भाटी से दूरभाष पर चर्चा कर मौके की स्थिति एवं तैयारियों की जानकारी साझा की थी। विधायक भाटी ने पैनोरमा को श्रीकोलायत के विकास की महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा था कि इसके निर्माण से क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
श्रीकोलायत की विरासत को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में कदम – राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने भी कपिल मुनि पैनोरमा को राजस्थान की समृद्ध धरोहर से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना बताया था। उन्होंने कहा था कि पैनोरमा के माध्यम से कपिल मुनि एवं श्रीकोलायत के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
कपिल मुनि सरोवर एवं कपिल मुनि मंदिर पहले से ही श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। पैनोरमा के निर्माण से इस धार्मिक स्थल की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को भी एक व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
स्थानीय पर्यटन और रोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन – कपिल मुनि पैनोरमा के निर्माण से श्रीकोलायत में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार मिलने की उम्मीद है। पैनोरमा के माध्यम से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को कपिल मुनि की तपोस्थली, श्रीकोलायत की धार्मिक परंपराओं तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त होगी।
पर्यटकों की संख्या बढऩे के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार, आवागमन, ठहराव एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावनाएं हैं। इस दृष्टि से पैनोरमा को श्रीकोलायत के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद – राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत के श्रीकोलायत निरीक्षण के दौरान एसडीएम राजेश चौहान, तहसीलदार पूनम कंवर, नायब तहसीलदार रामनारायण जाखड़, गिरदावर जगदीश पंवार, समाजसेवी नेमीचंद पंचारिया, रमेश पुरोहित एवं नखत सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
घोषणा से धरातल तक पहुंची परियोजना – कपिल मुनि पैनोरमा को लेकर विधायक अंशुमान सिंह भाटी के लगातार प्रयासों के बाद अब परियोजना ने धरातलीय रूप लेना शुरू कर दिया है। सरोवर परिसर स्थित विश्राम गृह से निर्माण कार्य की शुरुआत श्रीकोलायत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
यह परियोजना कपिल मुनि की तपोभूमि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ श्रीकोलायत को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निर्माण कार्य प्रारंभ होने के साथ क्षेत्रवासियों में भी उत्साह का माहौल है और लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना के पूर्ण होने की उम्मीदें अब और मजबूत हुई हैं।


