राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। बीकानेर में निकाय के चुनाव परिणाम आ चुके है। जिसमें कांग्रेस के 42 पार्षद जीते है। वहीं टिकट वितरण में नाराजगी के चलते 27 ही पार्षद जीते। निर्दलीय भी 11 बाजी मार ले गए। जिनमें कई भाजपा के बागाी थी लेकिन इन निर्दलीयों मेंं एक ऐसा भी युवा था। जिसे पार्टी ने टिकट नहीं दी तो वार्ड के लोगों ने कहा कि चुनाव तो लडऩा ही पड़ेगा। ये वार्ड है 22 जो कि प्रमुख रूप से ओबीसी जाति वर्ग का है यह वार्ड भूतनाथ मंदिर के पीछे, नत्थुसर बास का एक हिस्से का क्षेत्र है।

 

जहां पर पूर्व में पार्षद रह चुके प्रतीक स्वामी को भाजपा से टिकट कट गया। यह वार्ड इस बार सामान्य के लिए आरक्षित था लेकिन जातिगत समीकरण अधिकांश ओबीसी वर्ग का है। ऐसे में यहां पर सामान्य प्रत्याशी के रूप में भाजपा ने पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश ओझा को मैदान में उतारा। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर प्रतीक स्वामी ने अपने क्षेत्र के लोगों की बात सुनी और मैदान में कूद गए।

 

नामांकन के बाद कई तरह की बातें की गयी विचारधारा और संगठन के प्रति समर्पण की बात कहीं लेकिन स्वामी ने अपने क्षेत्र के लोगों पर अपनी बात छोड़ दी। जिसके बाद चुनाव चिन्ह का आंवटन हुआ तो उन्हें कैंची चुनाव चिन्ह मिला। भाजपा से पूर्व में जीत सके स्वामी के लिए क्षेत्र के लोगों के बीच में कैंची से वोट मांगना काफी परेशानी भरा था लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र के लोगों ने स्वामी का हर कदम पर साथ दिया।

 

स्वामी ने चुनाव लड़ा और ऐसा लड़ा की बीकानेर शहर में एक नया कीर्तिमान बना दिया। बीते चुनावा में स्वामी भाजपा से जीते थे ऐसे में इस बार 0 से खुद के वोटों की शुरूआत करना भी बड़ा मुश्किल काम था लेकिन स्वामी और उनके समर्थकों का जुनून उन्हें ऐतिहासिक जीत की और ले गया। चुनाव में प्रतीक के सामने कई चैलेंज थे जिनमें फाइनेंस की व्यवस्था करना, प्रचार की जिम्मा खुद के कंधों पर साथ ही पुरे चुनाव का मैनेजमेंट लेकिन इसके बावजूद भी वार्ड के लोगों ने उनका भरपूर साथ दिया और बिना किसी लोभ,लालच में आकर केवल मात्र कैंची पर ध्यान दिया।

 

स्वामी के वार्ड में कुल पांच बूथ थे। जिनमें पहले दो बूथ पर प्रतीक पीछे रहे तो क्षेत्रवासियों को लगा कि कहीं गडबड़ ना हा जाए लेकिन बाद के तीनों बूथ पर प्रतीक को बंपर वोट मिले। कुल 4575 वोटों में से अकेले प्रतीक को 2701 वोट मिले जो कि 50 प्रतिशत से ऊपर थे। वहीं भाजपा के प्रत्याशी को 1115 और कांग्रेस को 630 वोट मिले।

 

प्रतीक स्वामी ने निर्दलीय होने के बावजूद भी 1586 से जीत दर्ज की जो कि बीकानेर में निर्दलीयों द्वारा दर्ज की गई जीत में सबसे बड़ी थी। निर्दलीय के तौर पर इतनी बड़ी जीत के बाद चारों और चर्चा है कि एक युवा के प्रति क्षेत्र के लोगों की इतनी दीवानगी बताने के लिए काफी है कि काम और व्यवहार से इंसान सब कुछ पा सकता है। जीतने के बाद बातचीत करते हुए प्रतीक स्वामी ने कहा कि हमने पहले कार्यकाल में सात साल का कार्यकाल पुरा किया।

 

जिसमें अनेक विपरीत परिस्थितियां हमारे सामने आयी लेकिन मैने कभी क्षेत्र के लोगों का हाथ नहीं छोड़ा। हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहा। जो काम जरूरी थे और होने लायक थे उन्हें प्राथमिकता से किए गए और अब हमारा लक्ष्य है कि वार्ड को एक मॉडल वार्ड के रूप में हम विकसित करेंगे साथ ही क्षेत्र के लोगों में नशे के खिलाफ और शिक्षा के लिए जागरूकता फैलाएंगे।

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