राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। बीकानेर संभाग से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा को लेकर अब विशेष तैयारी की जा रही है ताकि तस्करी और घुसपैठ जैसी घटनाओं पर विराम लगाया जा सके। इसको लेकर पुलिस ने एजेंसियों और आमजन को भी इसमें जोडऩे का फैसला किया है ताकि बॉर्डर से लगने वाले गांव भी सुरक्षित हो सके। बीकानेर संभाग के बीकानेर और गंगानगर में आए दिन बड़ी मात्रा में तस्करी हो रही है।

 

लगातार ड्रोन के जरिये हेरोइन की तस्करी की जा रही है । अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिये हेरोइन, हथियारों की तस्करी और जासूसी रोकने के लिए पुलिस ग्रामीणों की मदद लेगी। इसके लिए बीकानेर-श्रीगंगानगर बॉर्डर एरिया के 181 गांवों में करीब 500 लोगों का पूरा डाटा तैयार किया गया है। बॉर्डर एरिया में संदिग्ध या अनजान लोगों की जानकारी छिपाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। पुलिस ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही ग्रामीणों की फौज तैयार कर उनसे मदद लेने की रणनीति बनाई है।

बीकानेर जिले के तीन पुलिस थानों क्षेत्रों में 24 और श्रीगंगानगर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में 157 गांवों के करीब 500 लोगों का डाटा तैयार किया गया है। इनमें ग्राम रक्षक, सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी सहित, सरपंच, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी सहित मौजिज लोगों के साथ ही बीएसएफ के अधिकारी और उनकी पोस्ट पर तैनात अधिकारियों की पूरी जानकारी पुलिस के पास रहेगी।

 

बॉर्डर एरिया में संदिग्ध गतिविधियों और अनजान लोगों के बारे में इन ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस को सहयोग करने वाले ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही अगर किसी ग्रामीण ने तस्करों या अनजान लोगों के बारे में जानकारी छिपाई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। ऐसे ग्रामीणों को जेल भी जाना पड़ सकता है।

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