Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। एक तरफ शहर को स्मार्ट सिटी के लिए बड़ी बड़ी योजनाओं को तैयार किया जा रहा है। दूसरी तरफ 2008 में काटी गयी जोड़बीड़ में आज भी लाइट,पानी का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में आज जोड़बीड समिति के लोगों ने आज बीडीए आयुक्त अपर्णा गुप्ता से मुलाकात करने पहुंचे। जहां पर बीडीए आयुक्त जब नहीं मिली तो स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और वहीं पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।


जिसके बाद गुप्ता ने एक शिष्टमंडल से मुलाकात करते हुए जल्द समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार इस सम्बंध में पहले भी कई मर्तबा आयुक्त और कलक्टर को इस सम्बंध में ध्यान दिलवाया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाए।
आज बीडीए पहुंचे जोड़बीड आवासीय योजना के लोगों ने बताया कि जोड़बीड़ आवासीय योजना वर्ष 2008 में नगरीय विकास न्यास (वर्तमान बीकानेर विकास प्राधिकरण) द्वारा प्रारंभ से 18 वर्ष व्यतीत होने के बावजूद योजना क्षेत्र में कोई भी मूलभूत सुविधा पूर्ण नहीं हुई है। योजना में अब तक एक भी मकान का निर्माण नहीं हो सका। प्लॉट धारक अपनी जीवनभर की बचत प्लॉट एवं किश्तों में खर्च कर चुके हैं, किंतु निर्माण असंभव होने से गंभीर आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
विकास से संबंधित प्रमुख लंबित मुद्दे
पानी की पाइपलाइन एवं बिजली की लाइन डालने का टेंडर न होना
बजट वर्ष 2026-27 के लिए वित्त मंत्री के द्वारा विधानसभा में जोड्बीद योजना में पेयजल व्यवस्था के कार्य हेतु 30 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। ऐसे में तुरंत प्रभाव से पानी व बिजली की व्यवस्था के लिए टेंडर लगाए जावे।
अधिकांश प्लॉटों की पथरगड़ी (स्टोन मार्किंग) या डेमार्केशन नहीं हुई है। इससे प्लॉट सीमाएं अस्पष्ट हैं, विवाद उत्पन्न होने की सम्भावना बनती हैं एवं निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे है। द राजस्थान अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (डिस्पोजल ऑफ अर्बन लैंड) रूल्स, 1974 के नियम 10 के अनुसार, प्लॉट डेमार्केशन योजना स्वीकृति के बाद अनिवार्य है।
जोड्बीड योजना क्षेत्र में प्रत्येक भूखंड के सामने रोड के आभाव में अपने भूखंड तक भूखंड धारियों का जाना ही दुर्भर है मकान बनाना तो इस कच्ची राह पर मील का पत्थर है।
सीवरेज लाइन एवं ट्रीटमेंट प्लांट नहीं।
स्ट्रीट लाइटिंग एवं ट्रांसफॉर्मर नहीं।
सुरक्षा हेतु बाउंड्री वॉल, गेट एवं चौकीदारी नहीं।
नालियां एवं जल निकासी व्यवस्था नहीं।
इन अभावों से योजना वीरान पड़ी हुई है।
योजना जोड़बीड़ गिद्ध संरक्षण क्षेत्र (अधिसूचित 25 नवंबर 2008) एवं डंपिंग यार्ड के नजदीकी दूरी पर है। इससे स्थायी दुर्गंध, श्वसन रोग एवं अन्यस्वास्थ्य समस्याएं बढऩे की संभावना है।
जोड़बीड़ समिति के सुझाव
सभी मुद्दों की जांच हेतु विशेष टीम गठित करें एवं उक्त लंबित मुद्दों का 6 माह में विकास कार्य पूर्ण कराएं।
पानी, बिजली, रोड, सीवरेज हेतु तत्काल वर्क आर्डर जारी कर विकास अविलम्ब पूर्ण हो ताकि परेशान भूखंड धारक अपने सपनो के मकान बना सके।
प्लॉट मार्किंग एवं हर प्लॉट के सामने रोड विकास सुनिश्चित करें।
पर्यावरणीय समस्याओं की जांच एवं समाधान (दुर्गंध नियंत्रण) करें।
प्रगति की मासिक रिपोर्ट समिति को प्रदान करें।
क्षेत्र में आम लोगो की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुवे माकूल व्यवस्था करावें



