राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। दो दिनों पूर्व बीकानेर के जीवन रक्षा अस्पताल में किडऩी निकालने की बात को लेकर बीकानेर एसपी से एक परिवाद पेश किया गया। जिसमें बताया गया 2024 में नसबंदी के दौरान अस्पताल में किडऩी को निकाला गया। जिसके बाद एसपी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। इसी को लेकर अब जीवन रक्षा अस्पताल प्रशासन ने इसे पूरी तरीके से भ्रामक और गलत बताया है।


अस्पताल ने इसे अपनी संस्था की छवि खराब करने की साजिश बताया है। बकायदा इसको लेकर एक सूचना जारी की गयी है। जिसमें बताया गया है कि यह जानकारी पुरी तरीके से गलत है और ऐसे अफवाह फैलाने वाले तत्वों का मकसद संस्थान को बदनाम करना है। अस्पताल प्रबंधन ने जनता और मीडिया से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें और बिना सबूत के ऐसी अफवाहों को न फैलाएं।
अस्पताल प्रशासन ने कुछ लॉजिक के साथ बताया कि कुछ लोग जन्म से ही एक किडनी के साथ पैदा होते हैं। इसका पता जांच के दौरान संयोगवश चलता है। ट्यूबेक्टॉमी में किए जाने वाले छोटे-मोटे चीरे से किडनी निकालना चिकित्सकीय रूप से संभव नहीं है। संबंधित सर्जरी एक नियमित नसबंदी कैम्प में की गई थी। सर्जरी की अवधि मात्र 5-10 मिनट थी।
मरीज को ऑपरेशन के लगभग 2 घंटे बाद उसी दिन छुट्टी दे दी गई थी। अगर किडनी निकाली गई होती, तो इतनी जल्दी रिकवरी और डिस्चार्ज संभव नहीं था। अस्पताल ने जोर देकर कहा कि जीवन रक्षा अस्पताल उच्च नैतिक मानकों का पालन करता है और मरीजों की सुरक्षा व पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। यहां आधारभूत चिकित्सा सेवाएं की जाती हैं।
बता दें कि इस पूरे प्रकरण को लेकर एसपी ने जांच के आदेश दिए थे।



