राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने शनिवार को नहरबंदी और ग्रीष्म काल के दौरान पेयजल आपूर्ति, जिले में एलपीजी तथा पेट्रोल डीजल स्टॉक एवं आपूर्ति, हीट वेव प्रबंधन, संपर्क पोर्टल प्रकरण निस्तारण और जनगणना सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी विभाग सभागार में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। वही सभी उपखंड अधिकारी, बीडीओ, तहसीलदार, ईओ एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़े।

इस दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि समर कंटीन्जेंसी प्लान से जुड़े समस्त कार्य बिना विलंब पूर्ण कर लें। समस्त उपखंड अधिकारी अपने क्षेत्र के जलदाय विभाग के अधिकारियों से समन्वय रखें। उन्होंने नाहरबंदी के दौरान जल प्रबंधन की समीक्षा की। हैंड पंप रिपेयर के लिए मासिक स्तर पर लक्षण निर्धारित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। वहीं जिले में नलकूप की स्थिति की समीक्षा की तथा कहा कि किसी भी स्थिति में पावर कनेक्शन लंबित नहीं रहे। उन्होंने टैंकर्स के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की दरों की समीक्षा की तथा जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में अधिक सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि सभी उपखंड अधिकारी, उपखंड स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा बैठकें करें। सरकार द्वारा निर्धारित नॉर्म्स के अनुसार दौरे, निरीक्षण और रात्रि चौपाल एवं विश्राम किए जाएं तथा इन्हें पोर्टल पर अपलोड करना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, अन्नपूर्णा रसोई सहित विभिन्न निर्माण कार्यों के औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संपर्क पोर्टल के प्रकरणों की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रकरण दर्ज होने के साथ ही एक्शन शुरू करें तथा यह सुनिश्चित करें कि 15 दिन से अधिक समय से कोई प्रकरण लंबित नहीं रहे।
जिला कलेक्टर ने जिले में एलपीजी तथा पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति के साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम वेरिफिकेशन की समीक्षा की।
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि जिले में एलपीजी पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूर्ण नियंत्रण में है। विवाह एवं अन्य आयोजनों के लिए गैस सिलेंडर आपूर्ति के मध्य नजर जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिला कलेक्टर ने घरेलू गैस सिलेंडर के कमर्शियल उपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एनफोर्समेंट की सतत कार्यवाहियां करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि जनगणना-2027 राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इससे जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी पूर्ण गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार जनगणना का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य होगा। इसके तहत 1 से 15 में तक स्वगणना तथा 16 मई से हाउस लिस्टिंग का फील्ड वर्क किया जाएगा। उन्होंने जिले में मकान सूचीकरण के लिए जियो टैगिंग और ब्लॉक सीमांकन प्रगति की समीक्षा की और सोमवार तक यह कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना से संबंधित सभी कार्य समयबद्ध हों।
जिला कलेक्टर ने हीट वेव मैनेजमेंट की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सा केंद्र पर नॉर्म्स के अनुसार व्यवस्थाएं हों। हाई रिस्क एरियाज में विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जल जनित तथा मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक गतिविधियों के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत टीआईडी जेनरेशन बढ़ाने, लाडो प्रोत्साहन योजना का लंबित भुगतान करने तथा जननी सुरक्षा एवं यूडीआईडी की समीक्षा भी की।
जिला कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान तथा मुख्यमंत्री विकसित शहरी वार्ड अभियान प्रदेश के शहरों और गांवों के विकास का खाका तैयार करने का महत्वपूर्ण अभियान है। इसके मद्देनजर वार्ड सभाओं तथा ग्राम सभाओं का आयोजन करते हुए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपखंड अधिकारी संबंधित अधिशासी अधिकारी और विकास अधिकारी के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करवाए।
जिला कलेक्टर ने 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री के बालोतरा प्रस्तावित दौरे के जिले में सीधे प्रसारण की तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिला, ब्लॉक तथा ग्राम पंचायत स्तर पर इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इनमें प्रत्येक क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को तथा स्थानीय नागरिकों को आमंत्रित किया जाए।
इस दौरान नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलनीचामी, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पांडे, अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) सुरेश यादव, अतिरिक्त कलेक्टर (नगर) रमेश देव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




