Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए विधानसभा में कहा कि में सदन के जरिए राजस्थान की जनता को यह अवगत कराना चाहता हूं कि राज्य के कल्पवृक्ष खेजड़ी बचाने के लिए कानून लाएंगे। जिससे प्रदेश में खेजड़ी संरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि खेजड़ी राजस्थान का कल्पवृक्ष भी है और राजस्थान की पहचान भी। जिसकी बढ़ते हुए रेगिस्तान को रोकने में सार्थक भूमिका रही है। खेजड़ी की महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार ने उसे राज्य वृक्ष घोषित कर रखा है। इसलिए घोषित राज्य वृक्ष को बचाने के लिए हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करना होगा।


पर्यावरण प्रेमी संत मुझसे मिले, तभी कानून बनाने के दे दिए थे निर्देश
उन्होंने कहा कि कुछ विषय दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विचार करने के होते हैं। माननीय नेता प्रतिपक्ष ने खेजड़ी का विषय उठाया था। साथ ही मैं यहां यह भी कहना उचित समझता हूं कि माह अगस्त 2025 में पर्यावरण प्रेमी संत मुझसे मिले थे। सभी पर्यावरण प्रेमी संत बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, फलौदी, नागौर इत्यादि जिलों के संत मिलने आए थे। मैंने उसी समय खेजड़ी संरक्षण हेतु कानून बनाने के निर्देश दे दिए थे। प्रक्रिया पूरी होते ही हम सदन में इसका मसौदा प्रस्तुत करेंगे।
हमें पर्यावरण और कल्पवृक्ष दोनों की चिंता करनी है
उन्होंने कहा कि आज दुनिया बिगड़े हुए पर्यावरण से चिंतित हैं। कई विश्व स्तरीय सम्मेलन भी हो चुके हैं जिसमें हमारे देश ने भी हिस्सा लिया।हमें बिगड़ते हुए पर्यावरण की चिंता भी करनी है और राजस्थान के कल्पवृक्ष की चिंता भी करनी है। ऊर्जा के बिना हम विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते लेकिन विकास और विरासत दोनों को संजोने का कार्य हमें मिलकर करना है।
दो वर्षों में लगाए करीब 20 करोड़ पौधे
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान शुरू किया। उनकी प्रेरणा से राजस्थान सरकार ने भी एक पेड़ मां के नाम महाअभियान चलाया। दो वर्षों में करीब 20 करोड़ पौधे लगाए। पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया। हम वे लोग हैं जो प्रकृति को मां मानकर पूजते हैं। हमारी संस्कृति हजारों वर्षों की है। हम नदियों को भी पूजते हैं।
देश में उत्पादित सौर ऊर्जा का 27 फीसदी हिस्सा राजस्थान का
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि देश में उत्पादित सौर ऊर्जा का 27 फीसदी हिस्सा राजस्थान का है। इसमें राज्य सरकार के द्वारा दो एमओयू भारत सरकार के उपक्रम के साथ किए हैं। कोयले आधारित ऊर्जा संयंत्रों के स्थान पर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत जैसे पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जल प्रपात ऊर्जा आदि को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वहीं इस पूरे भाषण के बाद पर्यावरण प्रेमियों ने महापड़ाव स्थल पर सीएम भजनलाल शर्मा के भाषण को सुनाया। भाषण सुनाने के बाद पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि हमने कानून बनने तक खेजड़ी कटाई रोकनेे की मांग की थी लेकिन विधानसभा में सीएम के दिए गए जवाब में कानून बनने तक खेजड़ी कटाई रोकने को लेकर कोई भी स्पष्ट बात नहीं की गयी है।
बता दें कि आज दिन में सरकार की और प्रतिनिधि मंडल ने महापड़ाव स्थल पर वार्ता की। जिसमें दो संभागों में खेजड़ी कटाई रोकने को लेकर लिखित में आश्वासन देने की बात कहीं थी लेकिन पर्यावरण प्रेमियों ने इस नकार दिया और कहा कि पूरे राजस्थान में कटाई रोकने को लेकर लिखित में आदेश दिया जावे।



