Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। आज बीकानेर के जूनागढ़ किले से शाही सवारी निकाली गयी। जिसे देखने के लिए शहरवासी उमड़े और हर कोई इन नजारों को अपने मोबाइल में कैद करते हुए दिखाई दिया। मान्यता है कि यह परंपरा सैकड़ों वर्षो से चली आ रही है। जब शाही सवारी पुरे शाही लवाजमे के साथ सजे-धजे ऊंट, बैंड के साथ गणगौर मैया को जूनागढ़ किले से रवाना होती है और चौतीना कुंआ पहुंचती है। जहां पर गण्गौर मैया को पानी पिलाया जाता है। फिर इसी शाही लवाजमे के साथ पुन: गणगौर मैया जूनागढ़ किले पहुंचती है।


इन दिनों बाली गणगौर की पूजा की जा रही है जो कि धुलण्डी के दिन से शुरू होती है। कुंवारी कन्याएं हर रोज सुबह गणगौर की पूजा अर्चना करती है और अखंड सुहाग की कामना के साथ गणगौर मैया को खुश करती है। मान्यता है कि बालिकाओं को इससे जीवन में सुख समृद्धि के साथ अच्छा वर मिलता है।
गणगौर की पूजा कई स्थानों पर आज पूर्ण हो गयी है और कई जगहों पर कल पूर्ण होगी। जिन युवतियों और महिलाओं ने आज पूजा को पूर्ण की है उन महिलाओं,युवतियां ने गणगौर मैया को प्रतीकात्मक रूप से ससुराल ले जाती है और वहां पर विधिवत रूप से संंभालकर लौटती है। ये पल युवतियों और महिलाओं के लिए खुशी और गम दोनों से मिलजुला होता है। इसी के चलते कई स्थानों पर मेला लगता है। जस्सुसर गेट के अंदर आज मेला भरा गया।



