
Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। प्रज्ञालय संस्थान एवं कमला देवी-लक्ष्मीनारायण रंगा ट्रस्ट द्वारा देश के ख्यातनाम साहित्यकार, रंगकर्मी, चिंतक एवं शिक्षाविद् कीर्तिशेष लक्ष्मीनारायण रंगा की तीसरी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित ‘सृजन सौरम-हमारे बाऊजीÓ समारोह के आज प्रात: लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन-सदन में उनकी स्मृति में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संस्थान के प्रतिनिधि वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने बताया कि कीर्तिशेष लक्ष्मीनारायण रंगा की स्मृति में आयोजित ‘आत्मनिर्भर भारत विषयक निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर एवं विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता के विजेताओं को वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा एवं वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा द्वारा प्रतीक चिह्न आदि प्रदत्त कर सम्मानित किया गया।



निबंध प्रतियोगिता की प्रभारी हेमलता व्यास ने बताया कि जूनियर वर्ग में कृतिका रंगा प्रथम, पलक व्यास द्वितीय तथा स्नेहा भारती तृतीय स्थान प्राप्त कर विजेता रहे। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता की प्रभारी राजेश्वरी व्यास ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर ममता सैन, द्वितीय स्थान पर भावना स्वामी तथा तृतीय स्थान पर माधवी रंगा रही। इसी तरह मॉडल प्रतियोगिता की प्रभारी मीनाक्षी गौड़ ने बताया कि प्रथम स्थान पर संयुक्त रूप से निधि व्यास, राजनंदनी बोहरा, निशा कल्ला एवं नंदनी छंगाणी रही। ंिकंजल मोदी द्वितीय स्थान पर एवं येशांत एवं प्रद्युम्न छंगाणी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।

एड. विजयगोपाल पुरोहित ने अपने विचार व्यक्त करते हुए रंगा के समृद्ध साहित्य अवदान को एक लंबी समर्पित सृजन यात्रा बताया जिन्होने 175 से अधिक हिन्दी, राजस्थानी पुस्तकों का सृजन किया
प्रारंभ में आशाीष रंगा ने कहा कि कीर्तिशेष लक्ष्मीनारायण रंगा की सदैव यही सोच रही कि बालकों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न साहित्यिक-सांस्कृतिक एवं अन्य प्रतियोगिताएंँ आयोजित कर प्रतिभाओं का सम्मान करना एवं साथ ही शिक्षा के साथ-साथ अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में बालकों की अभिरूचि जागृत करना आवश्यक है।
वरिष्ठ शिक्षाविद् हरिनारायण आचार्य ने बताया कि लक्ष्मीनारायण रंगा की भावना के अनुरूप ही उनकी तीसरी पुण्यतिथि पर प्रतिभावान बालक-बालिकाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ शिक्षाविद् भवानी सिंह राठौड़ ने किया एवं सभी का आभार युवा कवि-नाटककार पुनीत कुमार रंगा ने ज्ञापित किया।



