राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। अंतरर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, बीकानेर की ओर से गंगाशहर स्थित हंसा गेस्ट हाउस में चिकित्सक एवं चिकित्सा सेवा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में चिकित्सा क्षेत्र में विशिष्ट एवं उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले 38 चिकित्सकों का सम्मान किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चिकित्सक का व्यवहार मरीज के प्रति अच्छा हो तो उसकी आधी बीमारी वैसे ही दूर हो जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार देखने में आता है कि चिकित्सक बड़े पद पर पहुंचने के बाद उनका व्यवहार बदल जाता है, जबकि चिकित्सकीय सेवा में विनम्रता और मानवीय संवेदना का विशेष महत्व है।

कटारिया ने कहा कि किसी चिकित्सक को डॉक्टर बनाने में केवल उसके माता-पिता का ही योगदान नहीं होता, बल्कि देश की गरीब जनता के खून-पसीने की कमाई से दिए गए टैक्स से निर्मित मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा पर होने वाले खर्च का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए चिकित्सकों को अपनी योग्यता और क्षमता का उपयोग देश और समाज की सेवा के लिए भी करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब कोई चिकित्सक मरीज को केव
ल मरीज के रूप में देखते हुए पूरी संवेदनशीलता और समर्पण से उसका इलाज करता है, तो वह मरीज के लिए भगवान के समान बन जाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों से शिक्षा प्राप्त कर अनेक चिकित्सक देश-विदेश में अपनी सेवाओं से नाम कमा रहे हैं, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
राज्यपाल कटारिया ने कहा कि देश में वास्तविक परिवर्तन तब आएगा, जब प्रत्येक व्यक्ति दूसरों के लिए जीना सीखेगा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो व्यक्ति दूसरों के काम नहीं आता, उसका जीवन सार्थक नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके गुणों और कर्मों से होनी चाहिए।
नशामुक्ति का संदेश देते हुए कटारिया ने कहा कि समाज को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए परिवार, समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों को मिलकर निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है।
अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, बीकानेर के अध्यक्ष विनोद बाफना ने बताया कि समारोह का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले चिकित्सकों का सम्मान कर उनके योगदान को रेखांकित करना तथा समाज में सेवा भावना को प्रोत्साहित करना है।
समारोह के संयोजक विजय बाफना ने बताया कि वैश्य समाज के युवा चिकित्सक आज चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, मेहनत और सेवाभाव से बीकानेर सहित देश-विदेश में समाज का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सकों का सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उनकी सेवा भावना और समाज के प्रति उनके योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन आगे भी समाज की प्रतिभाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित करता रहेगा।
समारोह में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की महिला अध्यक्ष ममता राठी, युवा अध्यक्ष किशन अग्रवाल, महामंत्री किशन लोहिया, कोषाध्यक्ष विनोद धानुका, सुभाष मित्तल, सुशील बंसल, प्रदीप जैन, एडवोकेट महेंद्र जैन, कन्हैयालाल बोथरा, पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा, सुरेंद्र जैन बद्धानी, हंसराज डागा, पानमल डागा, अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी युवा मंच के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र भट्टड़, सरिता नाहटा, शर्मिलाचोरडिय़ा , संजना सुराणा, सरिता आँचलिया , हिना बाफना
, जेठमल नाहटा, दिनेश महात्मा, कमल बोथरा, भगवान अग्रवाल, मनोज बजाज, धनपत बाफना, दलीप कातेला, राजेश बैद, मनीष बाफना, कन्हैयालाल बाफना, गिरधर गोपाल झंवर,शिखरचंद जैन युवा इकाई के सिद्धार्थ पेडिवाल, जितेंद्र डागा, संस्कार सुराणा , दीपक चोपड़ा, विशेष अग्रवाल, कृष्णा चांडक , दीपक बोथरा अरिहंत आंचलिया, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।


