Social Activity राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। रायसर मार्ग स्थित आदर्श विद्या मन्दिर उच्च माध्यमिक, नोखा में संविधान दिवस का आयोजन वन्दना सभा में किया गया कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई। वाचन के दौरान सभागार में गूँजती प्रत्येक पंक्ति ने स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व के आदर्शों को सजीव कर दिया। इसके उपरांत विद्यार्थियों द्वारा मौलिक कर्तव्यों का वाचन और दोहरान बड़े अनुशासन और सहज भाव से सम्पन्न हुआ। इन कर्तव्यों की पुनरावृत्ति ने उपस्थित युवा पीढ़ी में राष्ट्रनिर्माण के प्रति समर्पण का भाव और दृढ़ कर दिया।



आचार्य किशन सिंह भाटी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि भारतीय संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना और चरित्र का दर्पण है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक वही है, जो अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समान महत्ता देता है। संविधान में निहित मूल्यों को जीवन में उतारना ही सच्ची देशभक्ति है।
प्रधानाचार्य आशीष डागा ने कहा कि संविधान दिवस केवल औपचारिकता का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन का क्षण है। यह दिन हमें यह स्मरण कराता है कि कर्तव्यों की अनुपालना ही राष्ट्र को प्रगति-पथ पर आगे बढ़ाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के प्रति समर्पित, अनुशासित, पर्यावरण-हितैषी और सामाजिक सौहार्द के संवाहक बनने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने संविधान निर्माताओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए सक्रिय, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का दृढ़ संकल्प लिया। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, नए आदर्श और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी समझ विकसित की।



