Rajasthan News राजस्थान 1st न्यूज,नेटवर्क। नागौर की राजनीति के सबसे रसूखदार मिर्धा परिवार की जोधपुर स्थित ‘मिर्धा फार्मÓ की 150 गज जमीन की लड़ाई थाने पहुंच गई है। पूर्व सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा ने चचेरे भाई मनीष मिर्धा और अन्य के खिलाफ 14 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई है।
ज्योति मिर्धा की तरफ से उनके अधिकृत प्रतिनिधि प्रेमप्रकाश ने रिपोर्ट दी है। प्रताप नगर थाने में दी गई रिपोर्ट में सूथला स्थित फार्म हाउस पर कब्जे के प्रयास और तोडफ़ोड़ का आरोप लगाए गए हैं।


उधर, दूसरे पक्ष का दावा है कि यह विवाद केवल जमीन के टुकड़े का नहीं, बल्कि वहां बने पूर्वजों के समाधि स्थल को लेकर है। इसे वो बचाने का दावा कर रहे हैं। ज्योति मिर्धा का पक्ष इसे अतिक्रमण और अवैध कब्जा बता रहा है। विवाद को देखते हुए पुलिस ने समाधि स्थल पर पुलिसकर्मी को तैनात किया है।
इस पूरे विवाद का केंद्र फार्म हाउस के अंदर बना 150 वर्ग गज का वह समाधि स्थल है, जो परिवार की भावनाओं से जुड़ा है। मनीष मिर्धा पक्ष का दावा है कि डॉ. ज्योति मिर्धा इस बेशकीमती जमीन को बेचना चाहती हैं, लेकिन बीच में आ रहा पैतृक समाधि स्थल सौदे में बाधा बन रहा है।
मनीष का आरोप है कि ज्योति मिर्धा इस समाधि स्थल को हटाना चाहती हैं, जबकि वे अपने पूर्वजों की निशानी को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां पर सबसे पहले 1982 में नाथूराम मिर्धा की मां की समाधि बनाई गई थी। 1987 में मनीष के बड़े भाई रवि की समाधि बनी। नाथूराम मिर्धा के निधन के बाद 1996 में उनकी भी समाधि यहीं बनी।
अब मनीष अपने पिता भानु प्रकाश मिर्धा का समाधि स्थल यहीं बना रहे हैं, जिसका विरोध किया जा रहा है। शिकायत पक्ष का कहना है कि मनीष ने गुंडा तत्वों के साथ मिलकर मालिकाना हक वाली जमीन हड़पने की नीयत से हमला किया है।



