राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। प्रदेश में संचालित ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की केंद्रीय टीम एवं बीकानेर के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर स्थित मरुधर फूड प्रोडक्ट्स की निर्माण इकाई का निरीक्षण कर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी कई कमियां सामने आईं। मौके पर मिली 2,740 किलोग्राम अवधिपार सामग्री, जिसमें मैदा एवं पापड़ शामिल थे, को नष्ट करवाया गया। इसके अतिरिक्त, खाद्य कारोबारकर्ता की सहमति से लगभग 28,000 किलोग्राम दूषित मैदा को पशु आहार के रूप में उपयोग करने के लिए पाबंद किया गया। जांच के लिए खाद्य पदार्थ का एक नमूना भी लिया गया।
अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण अविचल चतुर्वेदी के निर्देशानुसार, अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के मार्गदर्शन एवं संयुक्त आयुक्त वी.पी. शर्मा के पर्यवेक्षण में केंद्रीय खाद्य सुरक्षा दल ने निर्माण इकाई का निरीक्षण किया।
निर्माण इकाई में मिलीं स्वच्छता संबंधी कमियां
निरीक्षण के दौरान पापड़ निर्माण स्थल का फर्श टूटा-फूटा मिला तथा मशीनरी पर गंदगी जमी हुई पाई गई। निर्माण परिसर के फर्श पर धूल-मिट्टी एवं मकड़ी के जाले भी मिले। कच्चे माल के कट्टे सीधे फर्श पर रखे हुए थे तथा उन्हें सुरक्षित तरीके से रखने के लिए पैलेट का उपयोग नहीं किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, खाद्य कारोबार में लगे संचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण संबंधी अभिलेख तथा निर्माण में प्रयुक्त पानी की गुणवत्ता से संबंधित परीक्षण रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई।यह कार्रवाई केंद्रीय दल के खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, अमित शर्मा एवं अंकुर पाटनवाला ने बीकानेर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी भानुप्रताप सिंह, श्रवण कुमार वर्मा एवं राकेश गोदारा की उपस्थिति में की।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य निर्माण इकाइयों में स्वच्छता एवं निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई जारी है। अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।


