Election राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव
राजस्थान 1st न्यूज,नेटवर्क। सोमवार को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव परिणाम घोषित हुए है। जिनमें सतारूढ़ एनडीए को 22 और विपक्षा को 15 सीटों मिले है। राज्यसभा की इन सीटों पर एनडीए को 10 सीटों का फायदा हुआ है। कहीं विधायकों के वोट ना डालने और कहीं क्रॉस वोटिंग के चलते एनडीए को फायदा हुआ है।


इन 37 सीटों में से 26 पर प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। तीन राज्य हरियाणा, बिहार और ओडिशा में 11 सीटों पर चुनाव हुए। इनमें से 9 सीटें एनडीए के खाते में गईं। विपक्ष को 2 सीटें मिलीं। ओडिशा और हरियाणा में कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। बिहार में विपक्ष के 4 विधायक वोट डालने ही नहीं पहुंचे। इससे भाजपा को फायदा मिला।
बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव में हार्स ट्रेडिंग में एनडीए ने महागठबंधन को मात दे दी।
हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए नतीजा वोटिंग के करीब 9 घंटे बाद आधी रात को 1 बजे जारी हुआ। भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत हासिल की है। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव में 90 विधायकों के वोट थे, जिनमें से इंडियन नेशनल लोकदल के 2 विधायकों ने वोट नहीं डाला। कांग्रेस के 4 और भाजपा का 1 वोट रद्द हो गया, जिसके चलते 83 वोट वैध माने गए।
भाजपा के 48 वोट थे। एक वोट रद्द हो गया। पहली प्राथमिकता में वाले वोट भाटिया को 39 और नांदल को 8 मिले। कांग्रेस के 37 विधायक थे। 4 वोट रद्द हो गए। 5 ने क्रॉस वोटिंग की। ऐसे में 28 वोट बचे।
संजय भाटिया को पहली प्राथमिकता के 27.66 वोट मिले। निर्दलीय नांदल को 27.34 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले। इस प्रकार, नांदल, बौद्ध से केवल 0.66 वोट, यानी एक वोट से भी कम अंतर से हार गए।
इसके पहले वोट पर विवाद हो गया था। सोमवार को विधायकों ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के ‘पहरे में वोट डाले। सीक्रेसी को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज और भाजपा ने कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह और भरत बेनीवाल के वोट की गोपनीयता पर सवाल उठाए। आरोप है कि वोट अधिकृत एजेंट्स के अलावा अन्य लोगों को दिखाए गए।



