Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। बीकानेर में आज देर शाम को देवी माँ नागणेचीजी के मंदिर से होली का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। रिसासत काल से चल रही पंरपंरा के अनुसार शाकद्धीपीय समाज ने आज देवी माँ को प्रसन्न कर होली के आगाज की अनुमति मांगी और फिर रंग गुलाल उड़ाकर होली का आगाज किया। अब अगले सात दिनों तक शहर में रंग के साथ खुब आंनद बरसेगा। चौक-चौक और गली मोहल्लों में अलग-अलग आयोजन होंगे। शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज ने रियासत कालीन परंपरा का निर्वहन करते हुए नागणेची मंदिर प्रांगण में भजनों की प्रस्तुति देते हुए माता रानी को इत्र और गुलाल चरणों मे अर्पित किया साथ ही गुलाल उछालते हुए होली की अनुमति प्राप्त की। उसके बाद देर रात को गेर निकाल कर शहर में होलका का आगाज किया जाएगा। भाई बन्धु ट्रस्ट के महामंत्री नितिन वत्सस ने बताया कि माता रानी नागणेची के प्रांगण में शाकद्वीपीय समाज ने शाम ढलते ही भजनों के साथ माता के चरणों में धोक लगाई और हंस चढ़ी माँ आयी भवानी रे- सहाय करे सब देश की, पन्नो रे मारी जोड़ रो रे बीकोण रो बासी रे, जोधाणूं सु बीज है मंगाए प्रेमरस री मेहंदी राचडली, जयपुर में बाजार में पडिय़ो प्रेमजी बोर, आदि भजनों की प्रस्तुति देकर माता को रिझाया और रात्रि को 8 बजे इत्र गुलाल अर्पित कर माता से बीकानेर शहर में होली की अनुमति देने की अरदास की। उसके बाद मंदिर प्रांगण में पुजारी राजेश सेवग, सुरेश सेवग ने सभी भक्तो को गुलाल का टीका लगाकर गुलाल उछालकर बीकानेर शहर में होलका का आगाज किया



नितिन वत्सस ने बताया की भजनों की प्रस्तुति में शाकद्वीपीय समाज के सुशील सेवग उर्फ लालजी,विष्णु सेवग,सीताराम सेवग,मनमोहन सेवग,नितिन वत्सस,पवन सेवक,अरविंद सेवग, आशीष सेवग, चंद्र शर्मा,नीलेश शर्मा, राजा सेवग, के साथ साथ मरुनायक मंडल के सदस्यो ने भी साथ निभाया जिसमे मुख्य रूप से गेवर भादाणी, अजय कुमार देराश्री, दारसा जोशी, बलु जोशी, महेश गज्जानी, मास्टर, नगाड़े पर रामजी सेवग, चिराग सेवग ने संगत की। इस अवसर पर समाज के गणमान्य जन मौजूद थे। इसके बाद अब देर रात को गोगागेट से शाकद्वीपीय समाज द्वारा गेर निकाली जाएगी। जो बागडियो के मोहल्ले से होते हुए रामदेव मंदिर चाय पट्टी से बड़ा बाजार , बैदो का चौक, मरुनायक चौक, होते हुए सेवगो के चौक में सम्पन्न होगी और बीकानेर शहर में परंपरागत रूप होलका का आगाज होगा। गेर में परंपरागत रूप से ओ लाल केशा, पापड़ली, आदि गाये जाएंगे। इसी दौरान समाज द्वारा सामुहिक प्रसादी का आयोजन किया गया है। सेवग समाज के हंसावतो की तलाई, सूर्य भवन, जनेश्वर भवन, शिव शक्ति भवन, श्यामौजी वंशज प्रन्यास भवन ,में शकद्विपीय समाज के द्वारा सामूहिक प्रसाद का आयोजन हुआ है।


