खेजड़ी विहीन होता रेगिस्तान, फिर सैकड़ों पेड़ों पर चली आरी, दो दिनों में काटे सैकड़ों पेड-khejdi 

khejdi राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। एक तरफ प्रदेश सरकार एक पेड़ मा के नाम अभियान चला रही है। दूसरी तरफ सोलर प्लांट के नाम पर रोज खेजड़ी के वृक्षों को काटा जा रहा है। बीकानेर में बीते सालों में लाखों की संख्या में खेजड़ी के पेड़ों को काट दिया गया।

जिसको लेकर पर्यावरण प्रेमी आक्रोशित है और लगातार सख्त कानून की मांग कर रहे हैं। बीते दो दिनों में प्लांट की आड में पूगल तहसील के करणीसर भाटियान और भानीपुरा में सैकड़ों पेड़ों को काट दिया गया है। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार और पटवारी गुरुवार सुबह प्लांट पहुंचे तो सिक्योरिटी ने बाहर ही रोक दिया। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद वे अंदर जा पाए। एसडीएम दिव्या बिश्नोई ने बताया कि सरकारी कार्य में रुकावट डालने पर कंपनी और उसकी सिक्योरिटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।


पूगल तहसील के करणीसर भाटियान और भानीपुरा के सोलर प्लांटों पर दो दिन में खेजड़ी के कुल 647 पेड़ काट दिए गए। पर्यावरण प्रेमियों को गुरुवार सुबह इसका पता चला। सूचना मिलने के बाद पूगल तहसील से दो अलग-अलग टीमों को सोलर प्लांटों पर भेजा गया। वन विभाग का दस्ता भी आ गया।


पर्यावरण प्रेमियों ने मोके पर प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए और कहा कि ये शासन और प्रशासन हमारी खेजड़ी को बलिदान करवा रहा है। पर्यावरण प्रेमी मोखराम धारणियां ने कहा कि जिला कलक्टर सोलर प्लांट के लिए बैठक करती है लेकिन पर्यावरण प्रेमियों से बातचीत तक नहीं करना चाहती हे।

 

धारणिया ने कहा कि प्रशासन की मौन सहमति से खेजड़ी के रोज सैकड़ों की संख्या में वृक्षों को काटा जा रहा है जो कि हमारे दिल का झकझोर देने वाला है। धारणिया ने कहा कि प्रदेश की सरकार भी इस और ध्यान देने के बजाय मुंह फेर रही है लेकिन अब ये स्वीकार्य नहीं होगा। बता दे कि बीकानेर में दो फरवरी को बड़े महापड़ाव का एलान किया गया हे। जिसको लेकर पश्चिमी राजस्थान के गांव-गांव ढ़ाणी-ढ़ाणी से लोग पहुंचेगे और हजारों की संख्या में कलेक्ट्रेट को घेरने का काम करेंगे।

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