करणी कथा से मिलती है गाय,ओरण,तालाब कुआ बावड़ी सुरक्षा की प्रेरणा- पंडित रविशंकर पारीक-Bikaner News 

Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। जस्सूसर गेट के बाहर करणी कथा के दौरान कथा स्थल मंदिर परिसर में करणी माता का अभिषेक एवं विशेष पूजा अर्चना की गई । यहां छ जोड़ों के द्वारा पूजा अर्चना की इस उपरांत कथा का शुभारंभ हुआ। अखिल भारतीय माल्हा भारोत्तोलन संघ के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व पहलवान महावीर कुमार सहदेव ने सपत्नी बैठकर दशो दिशा,नवग्रह, करनी अभिषेक यज्ञ पूजन समेत विशेष पूजा अर्चना कर कथा का शुभारंभ करवाया।

 

इस कार्यक्रम में मोहनलाल सांखला, अशोक सोनी,नत्थू सिंह भाटी,घेवर चंद सोनी,राजकुमार गिरी ने कथा शुभारंभ पर पूजा करवाई। कथा के शुभारंभ पर मां करनी की महाआरती कर करणी कथा के वाचक पंडित रविशंकर पारीक ने कहां की करणी माता ने बाल्यकाल में ही अपनी लीला के अनुसार गौ माता को खूब चराया, गौ माता के दूध का करणी माता स्वयं सेवन करते थे और गोपूजन करना रोज की बात थी, करणी माता जी खुद अपने हाथों से दही का बिलोना करते थे। आज भी विभिन्न स्थानों पर करणी माता के नाम से गौशालाएं स्थापित है। ओरण भी करणी माता के कहने पर उस जमाने में राजा एवं सेठ लोग छोड़ा करते थे जो आज भी कायम है।

करणी कथा से विवेक,धैर्य तपस्या त्याग की प्रेरणा मिलती है। मीडिया प्रभारी महावीर कुमार सहदेव ने जानकारी देते हुए बताया कि करणी कथा दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक एवं शाम 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक नानी बाई का मायरे का संगीतमय वाचन भी पंडित रविशंकर पारीक के द्वारा निरंतर जारी है। आम लोग यहां आकर कथा का श्रवनपान कर प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। कथा में गायक नंदकिशोर, दिनेश कुमार पैड वादक, ढोलक वादक मास्टर सुरेंद्र ने संगीत से श्रोताओं का मन मोह लिया। 31 दिसंबर को यज्ञ अनुष्ठान एवं महा-प्रसादी का भव्य आयोजन रखा गया है इस महाप्रसादी को हर कोई यहां आकर ग्रहण कर सकता है।

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