Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। खाजूवाला क्षेत्र में 23 नवंबर को सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव मिला। जिसे पुलिस ने कई दिनों के इंतजार के बाद लावारिस समझते हुए दफनाया दिया। जिसके बाद अब जानकारी सामने आई वो लावारिस नहीं बल्कि एक पुलिसकर्मी था।


दरअसल 23 नवबर को खाजूवाला के चक 7 पीएचएम के बस स्टैंड के पास सड़क किनारे मिले अज्ञात व्यक्ति के शव की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने उसे दफना दिया लेकिन अब उसकी पहचान एक पुलिसकर्मी के रूप में ही हुई है। मृतक श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ पुलिस थाना में कार्यरत अमरजीत चौहान था। वो पहले श्रीगंगानगर में ट्रेफिक पुलिस का हिस्सा भी रह चुका है।
जिसकी अब तेरह दिन बाद शिनाख्त हो सकी है। कार्यवाहक थानाधिकारी हरपाल सिंह ने बताया कि 23 नवंबर रविवार को राहगीरों ने सूचना दी खाजूवाला से 7 किमी. दूर खाजूवाला-रावला सड़क मार्ग पर चक 7 पीएचएम बस स्टैंड के पास सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव उल्टे मुंह अचेतावस्था में पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने शव की जानकारी आसपास के लोगों को दी लेकिन जब 6 दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस ने मानवता का धर्म निभाते हुए शव को दफना दिया था।
इस दौरान खाजूवाला पुलिस ने मृतक के कपड़े व जूते आदि रखवाए थे ताकि शिनाख्त कर परिजनों का पता लगाया जा सकें। श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ पुलिस थाना में अमरजीत चौहान कांस्टेबल (राजस्थान पुलिस) के पद पर पदस्थापित था। इससे पहले वह श्रीगंगानगर में ट्रैफिक पुलिस के पद पर था।
वह पिछले कुछ समय से अनूपगढ़ पुलिस थाना में पदस्थापित था। कांस्टेबल अमरजीत चौहान मूल रूप से श्रीगंगानगर जिले में लालगढ़ के पास हाकमाबाद का रहने वाला था। वह 23 नवंबर को खाजूवाला आ रहा था। जहां खाजूवाला के निकटवर्ती ग्राम पंचायत 3 पावली में चक 1 केजेड़ी में मृतक अमरजीत के ताऊ रहते है, वहां मिलने के आ रहा था।



