
Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है। कुछ ऐसी ही साबित करके बताया है न्यूरोसर्जन डॉक्टर कृष्णवीर ने। दरअसल एक सड़क हादसे में हरिप्रसाद मेघवाल घायल हो गया और कोमा में चला गया। जिसे जीने की आस बेहद कमी ही रह गयी थी। हरिप्रसाद के पीछे केवल एक माँ थी। इलाज के लिए हजारों रूपए की आवश्यकता थी तो माँ ने जैसे-तैसे करके ब्याज पर पैसे लेकर आई और निवर्तमान पार्षद मनोज विश्नोई को फोन करते हुए आपबीती बताई।


विश्नोई ने मानवता का धर्म निभाते हुए डॉ. को जब फोन कर सारी कहानी बताई तो डॉक्टर ने कहा कि बुढ़ी माँ से कहो कि पैसे वापस लाए हो उसी को देकर आ जाओ में इलाज कर दूंगा।
जिसके बाद डॉ. ने मानवता का धर्म निभाते हुए हरिप्रसाद का निशुल्क ऑपरेशन किया। जिसके बाद अपने बेटे को नया जीवन मिलने पर मां की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे है। वह रह रहकर न्यूरो सर्जन डॉ कृष्णवीर और पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई का आभार जता रही है। जिनकी वजह से उनके बेटा आज स्वस्थ होकर घर को लौटा है। जीवन व मौत से संघर्ष कर रहे हरिप्रसाद मेघवाल को शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई और उनके परिवार को इसको लेकर खुशी का माहौल है।
पूर्व पार्षद विश्नोई ने कहा डॉ कृष्णवीर ने जो वादा किया उसे पूरा निभाया। इस दौरान रोगी हरिप्रसाद के आईसीयू और वेन्टीलेटर का खर्च भी नहीं लिया। वास्तव में डॉ कृष्णवीर हरिप्रसाद के परिवार के लिये देवता बनकर आएं।



