Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। डॉ. को दिखाने जा रहे व्यक्तियों पर हमला करने के मामले में न्यायालय ने 9 सालों बाद आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा का फेसला दिया है। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मुकेश कुमार ने 9 साल पुराने गवाह के ऊपर जानलेवा हमले के 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।


मामला नोखा पुलिस थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इस सम्बंध में 14 फरवरी 2016 को परिवादी गोपीराम ने मुकदमा दर्ज करवाया था। परिवादी ने बताया कि रात्रि कऱीब आठ बजे राकेश पुत्र जयसुख राम व उसके भाई जयसुख पुत्र अमलूराम की तबियत खऱाब होने के कारण डॉक्टर को दिखाने के लिए जा रहे थे जैसे ही वह सुजानगढ़ रोड चुंगी नाका के पास पहुँचे तो इतने में पूर्व तैयारी के साथ आरोपीगण बृजलाल देवीलाल सुन्दरलाल शिवलाल सुखदेव उर्फ सुखराम सोहनलाल गोपीराम रामकुमार मांगीलाल प्रदीप रामसरूप आदी लोगों ने ज़बरदस्ती रास्ता रोक कर उन पर हथियारों से हमला कर दिया।
इस हमले में जयसुख राम लहूलुहान हो गया और उसके पैर तोड़ दिए। राकेश के सिर पर कुल्हाड़ी की मारी थी। उक्त सभी आरोपियों ने एक राय होकर जानलेवा हमला किया और जाते वक्त राकेश की जेब में रखे रुपये वे एक सैमसंग मोबाइल भी ज़बरदस्ती छीन लिया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान अधिकारी द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा आरोपीगण जमानत पर रिहा हो गए। उक्त प्रकरण में अनुसंधान अधिकारी द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर के कुल 11 अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में जुर्म धारा 307,325,323,341 ,147,148,149 भा द स में चालान पेश किया। जिस पर अभियोजन विभाग द्वारा कुल 51 दस्तावेज़ प्रदर्शित करवाए गए। कुल 16 गवाहों के बयान लेखबद्ध करवा गए। जिसके आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त गुणों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई व साठ हजार रुपए प्रत्येक अभियुक्त पर अर्थदंड लगाया गया। न्यालयाय में इस प्रकरण में राज्य की और से अपर लोक अभियोजक राजाराम भादू व परिवादी आहत की ओर से अधिवक्ता रामनिवास विश्नोई,जयसिंह राठौड़ अधिवक्ता ने पैरवी की।



