Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। वर्षो पूर्व रात के समय में दो बड़े विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़े युवक को लेकर अब न्यायालय ने बड़े आदेश दिए है। न्यायालय ने निगम और बीडीए को दोषी मानते हुए परिजनों को 10 लाख रूपए भुगतने का आदेश दिया है।


मॉडर्न मार्केट में सत्तासर हाउस निवासी प्रद्युम्नसिंह पुत्र ललितसिंह 19 दिसंबर, 21 की रात को 8 बजे बाइक पर सवार होकर एमएन अस्पताल से डीपीएस स्कूल की ओर जा रहा था। राजपूत हॉस्टल के पास पहुंचा तो रोडलाइट नहीं होने के कारण अंधेरा था और नगर निगम का चैंबर खुला और टूटा पड़ा था। प्रद्युम्न की बाइक का पहिया चैंबर में फंस गया जिससे वह गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। राजपूत हॉस्टल के छात्र उसे पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर ले गए जहां इलाज के बाद उसे घर भेज दिया। अगले दिन 20 दिसंबर को सुबह 4 बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे पीबीएम अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस मामले में प्रद्युम्न के परिजनों ने जिला न्यायालय में नगर निगम और बीडीए (उस समय यूआईटी) के खिलाफ वाद पेश किया। जिला न्यायालय के न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना ने मामले की सुनवाई के बाद नगर निगम और बीडीए को दोषी माना। आदेश दिए हैं कि प्रद्युम्न के परिजनों को 9,99,624 रुपए का भुगतान किया जाए। यह राशि 18 अप्रैल, 22 से 7.5 प्रतिशत ब्याज सहित दो माह में देनी होगी। परिवादियों की ओर से अरुण जोशी ने पैरवी की।



