Rajasthan News राजस्थान 1st न्यूज, नेटवर्क। एक तरफ बीकानेर में 11 दिनों से खेजड़ी बचाने की मुहिम को लेकर चल रहा आंदोलन बीती रात को सरकार के लिखित आश्वासन के बाद कानून आने तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं सैकड़ों किलोमीटर दूर बॉॅर्डर क्षेत्र में ओरण को बचाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा जारी है।


इस पदयात्रा में बीती रात को शिव से निर्दलीय विधायक रविन्द्र भाटी भी शमिल हुए। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण प्रेमी सुमेरसिंह को अपने कंधों पर बैठाकर 1 किलोमीटर तक पैदल चले। विधायक ने जोधपुर के बालेसर में पदयात्रियों के साथ ही रात भी गुजारी। भाटी ने कहा – एक रात घर से बाहर रहने पर फोन आ जाता है, लेकिन 32 दिन सबकुछ छोड़कर बैठना आसान नहीं।
मैं किसी पार्टी में नहीं हूं। न बीजेपी ने कुछ दिया न कांग्रेस ने। सच के लिए आंख से आंख मिलाकर बात करनी पड़ेगी। मैं किसी का विरोधी नहीं, जो सही है वही कहता हूं। यह संघर्ष आने वाली पीढिय़ों के लिए है। जैसलमेर स्थित तनोट माता मंदिर से 21 जनवरी को शुरू हुई ओरण बचाओ पदयात्रा गुरुवार रात को जोधपुर के बालेसर पहुंची। जहां चामुंडा माता मंदिर में रात्रि विश्राम किया गया।
यह पदयात्रा सुमेर सिंह और भोपाल सिंह के नेतृत्व में जयपुर की ओर बढ़ रही है। पूरी यात्रा में लगभग 725 किलोमीटर दूरी तय की जाएगी। यात्रा में 10 साल के बच्चों से लेकर 75 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं। पदयात्रा का उद्देश्य ओरण भूमि को ‘विकास के नाम पर खत्म होने से बचाना है। स्थानीय लोग इसे पूर्वजों की विरासत और पर्यावरण संरक्षण का आधार मानते हैं।


