विप्र फाउंडेशन का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न, श्रीमाली राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत, धनसुख दूसरी बार बने प्रदेश अध्यक्ष-Bikaner News

Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। विप्र फाउंडेशन का 18वां राष्ट्रीय परिषद अधिवेशन तीर्थराज पुष्कर में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। पारीक आश्रम में आयोजित इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में देशभर से आए संगठन के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। अधिवेशन में संगठन के विस्तार, सुदृढ़ संरचना, अनुशासन तथा भविष्य की कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

 

राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में मुंबई के सुप्रसिद्ध उद्यमी एवं समाजसेवी सत्यनारायण श्रीमाली को विप्र फाउंडेशन का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया। वहीं डॉ. सीए सुनील शर्मा (मुंबई) को राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, सीए धीरज शर्मा को रीजनल महामंत्री तथा पवन पारीक को संगठन का प्रमुख महामंत्री नियुक्त किया गया।

 

संगठनात्मक विस्तार के क्रम में धनसुख सारस्वत को दूसरी बार बीकानेर ज़ोन बी-वन का प्रदेशाध्यक्ष मनोनीत किया गया। उनके मनोनयन पर संगठन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

 

अधिवेशन में परमेश्वर शर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के साथ आदितीर्थ परशुराम कुंड मूर्ति प्रतिष्ठा प्रकल्प का मुख्य संयोजक बनाया गया। धर्मनारायण जोशी को राष्ट्रीय संरक्षक एवं उक्त प्रकल्प का कार्यकारी अध्यक्ष तथा रतन शर्मा को आदितीर्थ परशुराम कुंड मूर्ति प्रतिष्ठा प्रकल्प का अध्यक्ष मनोनीत किया गया।

 

बैठक में संगठन के तेजी से बढ़ते विस्तार को देखते हुए सिस्टम आधारित संचालन, संगठनात्मक अनुशासन, सदस्यता अभियान, दायित्वयुक्त नियुक्तियों की प्रक्रिया तथा एक परिवार एक पद के सिद्धांत के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही युवा प्रकोष्ठ की आयु सीमा, संगठन की भावी रणनीति और दीर्घकालिक दिशा पर भी मंथन हुआ।

 

अधिवेशन के दौरान श्री परशुराम ज्ञानपीठ तथा परशुराम कुंड में स्थापित की जा रही 54 फीट ऊँची पंचधातु की स्टेच्यू ऑफ स्ट्रेंथ सहित प्रमुख प्रकल्पों की प्रगति, पूर्णता की समयसीमा तथा उद्घाटन कार्यक्रम के स्वरूप पर भी विचार-विमर्श किया गया। परिषद की बैठक में यह भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया कि बीकानेर में विप्र समाज के लिए एक सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना की दिशा में ठोस पहल की जाएगी, जिससे सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को नया मंच मिल सके।

 

अधिवेशन के द्वितीय सत्र में शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ परिसर में भव्य संकल्प सभा आयोजित हुई, जिसमें देशभर से आए प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से 108 गायत्री मंत्रों का जाप कर समाज एवं राष्ट्र की समृद्धि और कल्याण की कामना की। अधिवेशन में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा समाजहित के कार्यों को गति देने का सामूहिक संकल्प लिया।

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