Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने विधानसभा में नगरीय विकास, आवासन और स्वायत्त शासन विभाग की मांगों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि कोलायत मुख्यालय पर नगरपालिका घोषित करने व बीकानेर शहर की परिधि में स्थित शरह नथानियान, सुजानदेसर, भीनासर व उदयरामसर सहित अन्य गौचर भूमियों को हिन्दूस्तान के सबसे बड़े गौ-अभ्यारण्य के रूप में विकसित करने की मांग की। वहीं देशनोक नगरपालिका में वर्ष 2021 में तत्कालीन अध्यक्ष ने पद का दुरूपयोग करते हुए जारी पट्टों को निरस्त करते हुए दोषियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से कार्यवाही करने की मांग की ।
विधायक भाटी ने कहा विस्तार से गोचर को लेकर अपनी बात रखी। भाटी ने 2010 से लेकर वर्तमान समय तक गौचर पर प्रभावी होने वाले सभी सरकारी पत्रों,संशोधन और आदेशाों का जिक्र करते हुए बताया कि गौचर हमेशा से गाय के लिए रही है और आगे भी गौचर गाय के लिए ही रहनी चाहिए।


भाटी ने कहा कि हम सब गाय माता के नाम पर वोट लाते हैं और पक्ष विपक्ष की इस दलगत राजनीति को तोड़ते हुए हमें इस पर निश्चित तौर पर, जिस पर कई सालों से कोई निर्णय नहीं लिया गया, इस पर निर्णय लेना चाहिए और हमारे जितने भी ये ऑर्डर निकले हुए हैं, नगरीय निकाय क्षेत्र में गोचर को खत्म करने के लिए उसको तुरंत प्रभाव से हटाना चाहिए।
भाटी ने कहा कि 2025 के अंदर बीकानेर में बीकानेर विकास प्राधिकरण बनने के बाद जब क्षेत्र डिफाइन हो रहा था, उसके पेरीफेरी क्षेत्र के अंदर हमारी 5418 हेक्टेयर गोचर की भूमि थी, जो शरह नथानिया, भीनासर, उदयरामसर और सुजानसर जैसे गांव में स्थित थी। इन सभी गोचर को उनके निकाय के नाम बीडीए के नाम दर्ज करने की कार्यवाही चल रही थी और उसकी भूमि किस्म परिवर्तन भी करने जा रहे थे। 28.01.2026 को सभी बीकानेर के जनवासियों ने धरने का ऐलान किया जिसमें साधु संत भी इसमें तत्पर हुए और इस विषय की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री तक गए। मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया कि आपकी गोचर को मैं कहीं भी छेडऩे नहीं दूंगा। गोचर गायों के लिए गायों के लिए रहेगी। फिर यह जितने भी हमारी यह 5418 हेक्टेयर भूमि है, इसको एक रिजर्व एरिया के तौर पर प्रस्ताव बनाकर भिजवाया गया जो कि आज तारीख तक फाइल वहां पर विचाराधीन है। भाटी ने कहा कि जो हमारी बीकानेर के चार गांव के अंदर यह 5418 हैक्टेयर भूमि को तुरंत प्रभाव से हिंदुस्तान के सबसे बड़े गो अभयारण्य के तौर पर विकसित किया जाए।
भाटी ने कहा कि कोलायत विधानसभा क्षेत्र स्थित हमारा कोलायत कस्बा है, वह पंचायत समिति मुख्यालय भी है, तहसील मुख्यालय भी है, उपखंड मुख्यालय भी है और कोलायत, मढ और कोटड़ी जो आपस में तीन सट्टी ग्राम पंचायते हैं, इनकी 2011 के हिसाब से पंद्रह हजार दो सौ पचास जनसंख्या बनती है, साथ धार्मिक आस्था के केंद्र श्री कपिल मुनिश्वर की तपोस्थली श्री कोलायत जी को नगरपालिका घोषित करवाने की मांग रखी । वही विधायक भाटी ने कहा कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 के अंदर यह स्पष्ट उल्लेखित है कि पद पर रहते हुए कोई भी सदस्य या कर्मचारी खुद के किसी भी रिश्तेदार या खुद के नाम से कोई भी तरह के खुद के हस्ताक्षर से पट्टा जारी नहीं कर सकता। अगर पट्टा जारी करना हो तो उसको खुद के चार्ज देकर पट्टा कटवा सकते हैं। परंतु नगरपालिका देशनोक के अंदर उस टाइम के तत्कालीन अध्यक्ष ने वर्ष 2021 में बारह पट्टे काटे, जो पद का दुरुपयोग करते हुए खुद के नाम से और खुद के रिश्तेदारों के नाम पर काटे गये है जिसपर गंभीर कार्यवाही करते हुए एसीबी से जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।



