Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। बीकानेर सहित प्रदेशभर में बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल लगातार मिल रहे है। कभी कोर्ट तो कभी हाईकोर्ट तो कभी हैड पोस्ट ऑफिस को उड़ाने के यह धमकी भरे ईमेल जारी है ।इन ईमेल के चलते पुलिस की भागदौड़ को बढ़ा दिया है तो दूसरी तरफ आमजन भी इससे परेशान हो रहा है।


लगतार आ रहे ये ईमेल कहीं ना कहीं कार्य में भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। ऐसे में एजेंसिया भी जांच में जुटी है कि आखिर इन ईमेल के पीछे कौन लोग काम कर रहे हे और उनकी मंशा क्या है। जब बेजवह पैनिक फैलाया जा रहा है।
पुलिस, डॉग स्क्वायॅड जुटी जांच में
आज 27 मार्च को मिली धमकी के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सीओ सिटी अनुज डाल, कोटगेट एसएचओ धीरेन्द्र शेखावत टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी बिल्डिंग में सर्च चलाया जा रहा है। मौके पर डॉग स्क्वायॅड को भी बुलाया गया है।
इस सम्बंध में सीओ सिटी अनुज डाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ईमेल प्राप्त हुआ है। जिसकी जांच की जाएगी ओर उसके बाद ही इस बारे में जानकारी मिल पाएगी। डाल ने कहा कि पुलिस टीमें, डॉग स्क्वॉयड़ की टीमें लगातार तलाशी कर रही है। वहीं कोटगेट एसएचओ धीरेन्द्र शेखावत ने कहा कि हमें सूचना मिली तो हम पहुंचे और फिलहाल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
18 दिनों में दूसरी बार बीकानेर हैड पोस्ट ऑफिस को उड़ाने की धमकी
मार्च महीने में दो बार यह धमकी बीकानेर के हैड पोस्ट ऑफिस को उड़ाने की मिल चुकी है। आज 27 मार्च से पहले 10 मार्च को भी ऐसी ही धमकी ईमेल के जरिये दी गयी थी। जब ईमेल में किसी नेता का जिक्र करते हुए ईमेल के जरिये पोस्ट ऑफिस को उड़ाने की धमकी मिली थी। इससे पहले 5 मार्च को ही बीकानेर कोर्ट परिसर को भी उड़ाने की धमकी मिली थी लेकिन जांच के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।
ईमेल की धमकी बनी सिरदर्द
ईमेल के जरिये बम से उड़ाने की धमकियां लगातार सिरदर्द बनती जा रही है। प्रशासन, पुलिस और आमजन हर कोई इन ईमेल से परेशान सा हो गया है। क्योंकि आए दिन ये ईमेल के जरिये धमकी दी जा रही है। जिसके बाद प्रशासन, पुलिस के साथ-साथ आमजन पर इसका असर पड़ रहा है और कार्य में भी बाधा उत्पन्न हो रही है ।
आखिर मंशा क्या और कौन है इसके पीछे
लगातार प्रदेशभर ऐसे ईमेल आ रहे है। जो कि परेशानी का सबब बन रहे है। ईमेल करने वाले कौन लोग है इसके पीछे क्या मंशा है। ये बड़े सवाल है जो कि ईमेल के आईपी एडे्रस के सामने आने के बाद ही सामने आ पाएगी। ईमेल करने वाले लोगों की संख्या कितनी है और किन कारणों से ऐसे धमकी भरे ईमेल भेजे जा रहे है। इसको लेकर जांच के बाद ही स्थितियां स्पष्ट हो पाएगी।



