राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने कहा कि किसी भी विभाग में परिवाद 15 दिन से ऊपर लंबित ना रहे। साथ ही कहा कि परिवाद का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण (क्वालिटी डिस्पोजल) कर संबंधित व्यक्ति से बात भी करें। अगर किसी विभाग के पास गलत परिवाद आ जाए तो तत्काल संबंधित विभाग को ट्रासंफर करें। इसमें कोताही ना बरतें। श्री जैन सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संपर्क पोर्टल की समीक्षा बैठक ले रहे थे।

राज्य स्तर पर संपर्क पोर्टल की हो रही उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग
जिला कलेक्टर ने कहा कि संपर्क पोर्टल की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर खुद मुख्यमंत्री व उच्च स्तरीय अधिकारियों के द्वारा की जा रही है। लिहाजा इसमें किसी प्रकार की कोताही ना बरतें और परिवाद निस्तारण को शीर्ष प्राथमिकता ( टॉप प्रायोरिटी) में रखें।
राज्य का औसत डिस्पोजल समय 14 दिन, जबकि जिले में कई विभागों का बहुत ज्यादा
जिला कलेक्टर ने कहा कि परिवाद के निस्तारण का राज्य का औसत समय 14 दिन है। जबकि जिले में रीको व वन विभाग का 37 दिन,कृषि विपणन का 36 दिन, गोपालन व संस्कृत विभाग का 34 दिन, फूड सेफ्टी का 33 दिन, खेल विभाग का 30 दिन, बीडीए व आरएसआरडीसी का 25 दिन, आईजीएनपी का 24 दिन है। जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को परिवाद का समय पर निस्तारण के निर्देश दिए।
जिले का परिवाद निस्तारण समय 14 दिन से भी कम हो
जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले का डिस्पोजल समय 14 दिन से भी कम होना चाहिए। इसको लेकर सभी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी संपर्क पोर्टल को खुद देंखे और नियमित रूप से परिवादों का निस्तारण करते रहें। विदित है कि जिले का डिस्पोजल समय 16 दिन चल रहा है।
परिवादों का करें नियमित निस्तारण
जिला कलेक्टर ने बताया कि पीएचईडी में सर्वाधिक 219, जोधपुर डिस्कॉम में 192, राजस्व विभाग में 185 परिवाद पेंडिंग हैं। जिला कलेक्टर ने कहा कि सीधे पब्लिक से जुड़े कुछ विभागों में परिवादों की संख्या ज्यादा हो सकती है लेकिन संंबंधित विभाग परिवादों का नियमित निस्तारण करता रहे।
बैठक में नगर निगम कमिश्नर सिद्धार्थ पालानिचामी ,सीईओ जिला परिषद शैलजा पांडेय, आईएएस स्वाति शर्मा समेत सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।




