राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। न्यूरो डायवर्सिटी (कोग्निलीप) सेंटर पर आज विश्व ऑटिज्म दिवस मनाया गया। अनके बच्चों में मानसिक विकास संबंधी असामान्य अवस्था विभिन्न व्यवहारों में परिलक्षित होती हैं। ऐसे बच्चों के मानसिक विकास संबंधी समस्याओं के उपचार हेतु डॉ. परज सिंघवी गत दस वर्षों से प्रयासरत हैं। डॉ. सिंघवी ने बताया कि बच्चों का बिहेविरियल (आचारगत) एवं ऑक्यूपेशनल (व्यवसायगत) थेरेपी के द्वारा उपचार किया जा रहा है। डॉ. सिंघवी ने कहा कि हर बच्चे में एक विशेष प्रतिभा होती है, आवश्यकता है पहचानने और सही दिशा देने की। इस अवसर पर उक्त चिकित्सा केंद्र पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये। उपचाराधीन बच्चों के लिए विविध खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।

 

उनके अभिभावकों के साथ संवाद किया गया एवं बच्चों की समस्याओं के निराकरण हेतु विचार विमर्श किया गया। बीकानेर स्थित इस सेंटर पर विगत समय में, 12 बच्चे पूर्णत: स्वस्थ हुए हैं। दिल्ली से आई हुई वरिष्ठ चिकित्सक श्रीमती अरूणा ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में अनेक केंद्रों पर करीब 500 से अधिक बच्चों के साथ काम किया है परन्तु प्रथम बार इस सेंटर पर बच्चों का पूर्णत: स्वस्थ होते हुए देखा है। सेंटर की कोर्डिनेटर ऋषिता सिंघवी ने सेंटर की गतिविधियों एवं चिकित्सा शैली पर विस्तृत जानकारी दी। सेंटर के निदेशक डॉ. परज सिंघवी ने बताया कि अब दिल्ली के तीन अनुभवी थेरेपिस्ट इस सेंटर से जुड़ गये हैं। तीन एकड़ में फैले इस सेंटर पर बच्चों के लिए वेजिटेबल फार्मिंग, स्वीमिंग पूल, कैफे, जिम आदि की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इंस्टीट्यूट और विहेविरियल ट्रेनिंग, फ्लोरीडा (यू.एस.ए.) के द्वारा विहेविरियल थेरेपिस्ट रजिस्टर्ड किया गया है।

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