Rajasthan News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। राजस्थान पुलिस ने अब एक नया आदेश जारी किया है। जिसके बाद किसी भी मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की फोटो,वीडियो या फिर प्रेस ब्रीफिंग नहीं करवाई जाएगी। इसको लेकर आदेश जारी किए गए है।


आदेशों के अनुसार अब गिरफ्तार आरोपियों की निजता, सम्मान और मानवीय गरिमा को लेकर राजस्थान पुलिस ने सख्त मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर) ने 20 जनवरी को पारित आदेश की पालना में लागू की गई है।
क्राइम शाखा के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस डॉ. हवा सिंह घुमरिया ने निर्देशों में स्पष्ट किया है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा, सम्मान और निजता के साथ जीवन जीने का अधिकार है। आरोपी केवल आरोपित होता है, दोषी नहीं और गिरफ्तारी के बाद भी उसकी मानवीय गरिमा समाप्त नहीं होती है।
एसओपी के अनुसार, किसी भी गिरफ्तार आरोपी को सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं किया जाएगा। न ही उसे अपराधी की तरह प्रदर्शित किया जाएगा।
गिरफ्तारी के समय या बाद में आरोपी का फोटो या वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, पुलिस के आधिकारिक या अनौपचारिक प्लेटफॉर्म और मीडिया या प्रेस पर अपलोड अथवा साझा नहीं किया जाएगा।
पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी को मीडिया के सामने अपमानजनक हालात में प्रस्तुत नहीं किया जाए। पुलिस ब्रीफिंग के दौरान शब्दों का चयन अत्यंत सावधानी और गरिमा के साथ किया जाए। किसी भी तरह के मीडिया ट्रायल को बढ़ावा देने वाले कार्यों पर रोक रहेगी।
हिरासत में आरोपी को बैठाने, ले जाने और रखने की व्यवस्था सभ्य, सुरक्षित और मानवीय होगी। विशेष रूप से महिलाओं, वृद्धों, युवतियों, कमजोर वर्गों के साथ संवेदनशीलता और अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


