Rajasthan News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए परेशान की खबर सामने आयी है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 तक पढ़ानेे वाले शिक्षकों को लेकर बड़ा आदेश दिया हे। आदेशों के अनुसार अब कक्षा 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को टीईटी की परीक्षा को पास करना होगा अन्यथा वो खुद ही पढ़ाने के लिए लायक नहीं रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि टीचर्स या तो टेस्ट पास करें या रिजाइन करें या रिटायर हो जाएं। बिना टेस्ट पास किए सरकारी टीचर्स की नौकरी नहीं चलने वाली। ऐसे में अब नौकरी पानी है या बचानी है तो इसके लिए टेस्ट पास करना ही होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सीधा मतलब है क्वालिटी ऑफ एजुकेशन के लिए जरूरी है क्वालिटी ऑफ टीचर्स।


प्रदेश में एक रिपोर्ट के अनुसार 7 लाख 92 हजार ऐसे शिक्षक है जो कि 8वीं तक की कक्षा के बच्चों को पढ़ा रहे है। ऐसे में प्रदेश के लाखों शिक्षकों को अब खुद की प्रमाणिका सिद्ध करनी होगी अन्यथा वो खुद ही पढ़ाने के लायक नहीं रहेंगे। जाने क्या है टीईटी एग्जाम-टीईटी यानी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट नेशनल लेवल का एक एलिजिबिलिटी एक्जाम है जिससे ये तय होता है कि टीचर, सचमुच टीचर बनने के काबिल है या नहीं। दो अलग वक्त में टीईटी ने सर्विंग टीचर्स के लिए 5 और 4 साल का एक्सटेंशन दिया। इसी के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में केस लगा। जून 2025 के ऑर्डर में मद्रास हाईकोर्ट ने रूलिंग दी कि जिन टीचर्स की नियुक्ति 29 जुलाई 2011 से पहले हुई उनके लिए टीईटी पास करने की जरूरी नहीं। प्रमोशन चाहिए तो पास करना होगा। टीचर्स फिर भी नहीं माने।



