राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। राजस्थानी संस्कृति में साफे का अपना एक अलग महत्व है। हर कोई इसका मुरीद है। बीकानेर के लूणकरणसर कस्बे में रहने वाले स्वरूप पंचारिया भी साफा बांधने के शौकीन है। इसी के चलते पंचारिया ने इसे शौक के साथ अपना काम भी बना लिया। साफ़ा संस्कृति के संरक्षक फुलदेसर निवासी स्वरूप पंचारीया द्वारा हाल ही में विश्व का सबसे तेज साफा जोधपुर में बांधा गया। जिसके बाद पंचारिया को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। जिसका प्रमाण पत्र व मेडल केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने पंचारिया को दिया।



इस दौरान गोदारा ने कहा कि राजस्थानी संस्कृति के माध्यम से लुणकरनसर का नाम विश्व पटल पर ले जाने के लिए आप साधुवाद के पात्र है। पंडित जी साफ़ा वाले के रूप में अपनी पहचान बना चुके पंचारीया ने मध्यप्रदेश के बैतूल शहर के आदित्य पंचोली के 14.12 सैकेन्ड मे 4.25 मीटर साफा बांधने के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 7 मीटर साफ़ा मात्र 13.65 सैकन्ड में बांधकर ये विश्व रिकॉर्ड राजस्थान के नाम किया । महज़ 13 सैकेन्ड मे साफ़ा बांधने के रिकॉर्ड के अलावा विश्व की सबसे बड़ी पगड़ी 522 मीटर बांधने का रिकार्ड भी पंचारीया के नाम है । आँखों पर पट्टी बांधकर साफ़ा बाधने की सिद्धहस्त कला के साथ साथ 1 से 3 सेटीमींटर की हाथो की अंगुलियों एवं अंगुठे पर सबसे छोटे आकार की पगड़ी बांधने के साथ बीकानेर पाग,जैसलमेरी पगड़ी, राजस्थानी गोल साफा, माहेश्वरी चुनरी साफा,बटदार साफ़ा बांधने मे सिद्धहस्त कला में महारत हासिल है ।



