राजस्थान 1st न्यूज, नेटवर्क। मिडिल ईस्ट में करीब 40 दिनों से जारी जग आखिरका एकबारगी रूक गयी। जिसके चलते दुनियाभर ने राहत की सांस ली है। दो हफ्ते के इस सीजफायर में कोई भी देश किसी पर युद्ध नहीं करेगा और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत होगी। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया।

सीजफायर से पहले ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो वह उसकी पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। उन्होंने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की भी धमकी दी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की अपील और आखिरी समय में चीन के दखल के बाद संभव हो पाई। पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया।
समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे। ईरान भी हमले बंद करेगा। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की मदद से सुनिश्चित की जाएगी।
यह सीजफायर लेबनान समेत अन्य क्षेत्रों पर भी लागू होगा। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच 10 अप्रैल को औपचारिक बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होगी। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद वैश्विक बाजारों में राहत देखने को मिली है। तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है।
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी कच्चा तेल करीब 16 प्रतिशत गिरकर 94.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं ब्रेंट कू्रड भी 15 प्रतिशत गिरकर 92.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।



