


राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव के इंतजार में बैठे जनप्रतिनिधियों को फिर से इंतजार ही करना होगा। हाईकोर्ट ने नवंबर में सुनवाई करते हुए 15 अप्रैल तक चुनाव करवाने को कहा था लेकिन 15 अप्रैल को कुछ ही दिन शेष है लेकिन चुनाव को लेकर फिलहाल कोई सुगबुगाहट तक नहीं है।


ऐसे में राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह को अवमानना नोटिस जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को नोटिस जारी किए।
अदालत ने चुनाव आयोग से पूछा है कि उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय समय सीमा से बाहर का कैसे जारी कर दिया। अदालत ने चुनाव आयोग से 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने कोर्ट को बताया- सरकार और आयोग जानबूझकर चुनाव टाल रहे हैं। जो हाईकोर्ट के आदेश की सीधे तौर पर अवमानना है।
आयोग ने निकाय चुनाव के लिए 22 अप्रैल तक फाइनल मतदाता सूची जारी करने का कार्यक्रम तय किया है। ऐसे में साफ है कि निकाय चुनाव किसी भी हाल में हाईकोर्ट द्वारा तय 15 अप्रैल की समय सीमा में पूरे नहीं हो सकते हैं।