gangour festival करीब 145 वर्षो से चली आ रही है परंपरा
राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। बीकानेर गणगौर महोत्सव की धूम है। गली मोहल्लों में बालिकाएं गवरजा मैया की पूजा अर्चन विधि विधान से पूर्ण कर चुकी है। वहीं दूसरी और आज जूनागढ़ से शाही सवारी भी निकली जो कि चौतीने कुंए तक पहुंची। जहां पर गवरजा मैया को पानी पिलाया गया। इस दौरान जूनागढ़ से चौतीने कुएं तक दर्शन के लिए भक्त खड़े नजर आए। रियासत काल के समय से बीकानेर के ढड्ढा चौक में चांदमल ढड्ढा की गणगौर एक अनूठी परंपरा के निर्वहन के साथ बाहर निकलती है। माता गवरजा हीरे चांदी सोने के महंगे जवाहरात को पहनती हैं।
शाही गणगौर की निकलने वाली सवारी के दौरान होने वाले सुरक्षा इंतजाम रियासत काल से राजाओं के समय से होते रहे हैं, लेकिन चांदमल ढड्ढा की गणगौर में आज भी पुलिस की कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था देखने को मिलती है।लगभग 150 साल पहले की परंपरा आज भी कायम है. उस वक्त गणगौर को पहनाए गए सोने जवाहरात आज भी पहनाए जाते हैं, जो कि आज करोड़ों रुपये की हैं और इनकी सुरक्षा में ही पुलिस के हथियारबंद जवान तैनात रहते है।
लगाता दो दिनों तक ढ्ढों के चौक में गवरजा मैयार भक्तों को दर्शन देती है और मेला लगता है। इस दौरान विभिन्न सांस्कृति कार्यक्रभी आयोजित किए जाते है।
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