Education News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। प्रदेश में बढ़ती ठंड और शीतलहर की संभावनाओं को देखते हुए शिक्षा निदेशक द्वारा जन समुदाय एवं विशेष रूप से विद्यालयों के लिए शीतलहर से बचाव संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।


एडवाइजरी में कहा गया है कि अत्यधिक ठंड के दौरान बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर विद्यालय भेजा जाए। प्रार्थना सभा, खेलकूद एवं अन्य बाहरी गतिविधियों में मौसम के अनुसार आवश्यक बदलाव करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिक्षा निदेशक ने विद्यालय प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि कक्षाओं में ठंड से बचाव की समुचित व्यवस्था हो तथा बीमार या अस्वस्थ बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए। आवश्यकता होने पर स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार लचीला दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शीतलहर से प्रभावित होने पर प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक उपचार बॉक्स की पर्याप्त संख्या तथा विद्यालय में इसकी उचित स्थान पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
वहीं अस्पतालों व आपातकालीन सेवा प्रदान करने वाली संस्थाओं व विभागों का संपर्क नंबर का विवरण विद्यालय में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गंभीर रूप से शीत लहर से प्रभावित होने वाले विद्यार्थियों को अस्पताल पहुंचाने हेतु वाहन तथा विद्यालय के जिम्मेदार शिक्षक का नामांकन व चिन्हांकन किया जाए। इतना ही नहीं शैक्षणिक संस्थाओं में आवश्यकता अनुसार शीतलहर से बचाव से संबंधित विद्यार्थियों के लिए आवश्यक निर्देश व सुझाव बैनर लगाए जाए। शीत लहर अथवा शीतघात प्रबंधन के संबंध में शिक्षकगण विद्यार्थियों को कक्षाओं में अवगत कराएं।
एडवाइजरी में अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें और गंभीर ठंड या बीमारी की स्थिति में बच्चों को विद्यालय भेजने से पहले उचित निर्णय लें। शिक्षा विभाग का उद्देश्य शीतलहर के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।



