Bikaner News राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। रमक झमक परिसर में शनिवार और रविवार दो दिवसीय म्हारी गणगौर उत्सव का आयोजन होगा। रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा भैरुं ने बताया कि दो दिवसीय की उत्सव के के दौरान बालिकाओं एवं महिलाओं द्वारा गवर के पारम्परिक गीतों की प्रस्तुतियां के साथ पारम्परिक नृत्य होंगे । वहीं शहर की महिला गणगौर मंडली द्वारा गणगौर से संबंधित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी। लक्ष्मी ओझा ने बताया कि आधुनिक युग में गणगौर पर परिचर्चा होगी । महिलाओं द्वारा गणगौर पर केंद्रित रचनाएं पढ़ी जाएगी । बुजुर्ग महिलाओं द्वारा गणगौर पूजन संस्मरण सुनाए सांझा किए जाएंगे।


गणगौर संस्कृति अलंकरण
दो दिवसीय उत्सव के दौरान बालिकाओं और महिलाओं द्वारा गणगौर का दांतिया देने, गणगौर निर्माण करने,रंग रोगन, श्रृंगार करने,कपड़े सिलने,साफा बनाने,आभूषण बनाने,गवर को सजाने संवारने,पारम्परिक गवर गीत गाने,गणगौर नृत्य, घुड़ला घुमाने,गणगौर ईसर का स्वरूप धारण करने,कुएं पर पानी की रस्म में योगदान देने,मथेरन आर्ट से गणगौर तैयार करने वाली महिलाओं तथा खाश कर महिला गीत मंडलियों को उनके योगदान को लेकर गणगौर सस्कृति अलंकरण सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मान स्वरूप उन्हें सम्मान पत्र,श्रीफल और रमक झमक ओपरणा ,म्हारी गणगौर पुस्तक एवं मोमेंटो दिया जाएगा। गणगौर संस्कृति अंलकरण सम्मान 2026 चयन समिति में रचनाकार ज्योति स्वामी एवं शिवानी शर्मा को शामिल किया गया है। दो दिवसीय आयोजन में गणगौर का पूजन आरती एवं खोल की रस्म भी होगी।
आमंत्रण पोस्टर का लोकार्पण
इस आयोजन को लेकर रमक झमक की ओर से एक आमंत्रण पोस्टर का लोकार्पण भी गुरुवार को किया गया। एस बी आई बैंक मैनेजर कोमल माली, रचनाकार ज्योति स्वामी, लक्ष्मी ओझा, कमल गहलोत एवं शारदा देवी ने लोकार्पण किया। इस अवसर पर कोमल माली ने कहा कि गणगौर महिलाओं का खाश त्यौंहार है इसमें योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान करने से न केवल प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि नई पीढ़ी की बालिकाओं को इसका महत्व समझ आएगा और उन्हें प्रेरणा भी मिलेगी। रमक झमक के ऐसे आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजे रखने में सहयोगी बनेगा।



