सदन में गरजे विधायक अंशुमान भाटी, पश्चिमी राजस्थान के राजस्व मुद्दों को लेकर उठाई मांग, पढ़ें खबर-Bikaner News  

Bikaner News  राजस्थान 1st न्यूज,बीकानेर। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने राजस्थान विधानसभा में मांग संख्या 16 (राजस्व) पर चर्चा के दौरान पश्चिमी राजस्थान और विशेष रूप से कोलायत क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाया।
भाटी ने कहा कि मरुस्थलीय क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासनिक ढांचे में व्यावहारिक बदलाव जरूरी हैं। उन्होंने गिराजसर में नई तहसील और बज्जू के गोकुल में उप तहसील कार्यालय खोलने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी, ताकि दूरदराज के लोगों को राहत मिल सके।

 

अनियमित भूमि आवंटन पर कार्यवाही की मांग
भाटी ने कोलायत क्षेत्र में हुए भूमि आवंटन के मामलों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि लगभग 285 मामलों में करीब 7500 बीघा जमीन के अनियमित आवंटन पर 22(3) की कार्रवाई अब तक लंबित है। उन्होंने पिछली सरकार के समय अनियमितता करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2015 में कोलायत में वृत्ताधिकारी कार्यालय के लिए आवंटित भूमि पर भवन बनकर कार्यालय संचालित हो रहा था, लेकिन वर्ष 2020 में उसी भूमि का नामांतरण कर महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों के नाम कर दिया गया। बाद में उस भूमि का व्यावसायिक उपयोग भी शुरू हो गया, जो गंभीर अनियमितता का विषय है।

 

कपिल सरोवर जलग्रहण क्षेत्र की भूमि निरस्त करने की मांग
भाटी ने कहा कि जलदाय विभाग के नक्शे में कपिल सरोवर का जलग्रहण क्षेत्र स्पष्ट होने के बावजूद नियमों के विपरीत भूमि आवंटन किया गया। उन्होंने इस आवंटन को तुरंत निरस्त करने की मांग की।

 

खेजड़ी संरक्षण और जियो टैगिंग का सुझाव
विधायक भाटी ने कहा कि सोलर संयंत्रों में खड़ी खेजड़ी के पेड़ों की खसरा वार जियो टैगिंग की जाए, ताकि उनकी सही गणना हो सके और संरक्षण के लिए सख्त नियम बनाए जा सकें।

 

भूमिहीन किसानों को जमीन आवंटन की मांग
भाटी ने कहा कि जिस प्रकार सोलर कंपनियों को बड़े भू-भाग दिए जाते हैं, उसी तरह भूमिहीन किसानों को भी भूमि आवंटन किया जाना चाहिए।

 

पश्चिमी राजस्थान के लिए भूमि आरक्षण का प्रस्ताव
उन्होंने पश्चिमी राजस्थान में कुल भूमि का 25 प्रतिशत हिस्सा गोचर, ओरण और अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखने का सुझाव दिया। भाटी ने कहा कि यदि अभी संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में आबादी विस्तार के लिए भी भूमि संकट खड़ा हो सकता है।

 

स्मॉल पैच और मीडियम पैच आवंटन पर रोक हटाने की मांग
भाटी ने कहा कि वर्तमान में लगी प्रशासनिक रोक के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया को सरल बनाते हुए पूर्व की तरह स्थानीय स्तर पर आवंटन की अनुमति देने की मांग की।

 

सीलिंग एरिया में संशोधन की मांग
भाटी ने कहा कि पुराने टीसी आवंटियों को खातेदारी देने के मामले में सीलिंग एरिया के नियमों में संशोधन किया जाए, ताकि वर्षों से लंबित मामलों का समाधान हो सके।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!